तमिलनाडु की राजनीति में विपक्षी नेता उधयनिधि स्टालिन ने नई सरकार से एनडीके सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याण योजनाओं को जारी रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि ये योजनाएं राज्य के विकास और जनता की भलाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन्हें बंद करना उचित नहीं होगा।
उधयनिधि स्टालिन ने विभिन्न मंचों पर यह स्पष्ट किया है कि द्रमुक की सरकारों ने तमिलनाडु में समाज के वंचित वर्गों के लिए कई उल्लेखनीय योजनाएं लागू की हैं, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में जनता की सहायता करती हैं। उनका मानना है कि इन योजनाओं की निरंतरता राज्य में सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।
इसके साथ ही, उन्होंने नई सरकार से आग्रह किया है कि वे किसी भी राजनीतिक स्वार्थ के कारण इन कल्याणकारी योजनाओं को बंद न करें, बल्कि जनता की भलाई को मुख्य प्राथमिकता बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि द्रविड़ मॉडल पर आधारित ये योजनाएं तमिलनाडु की विशेष पहचान हैं और इन्हें सुधारने तथा बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए।
वहीं, राजनीतिक माहौल में द्रमुक द्वारा फर्श परीक्षण का बहिष्कार करने का निर्णय भी काफी चर्चा में है। इसके पीछे पार्टी का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में यह परीक्षण न्यायसंगत नहीं है और इससे राजनीतिक स्थिरता को खतरा हो सकता है।
उधयनिधि स्टालिन के इन बयानों से यह स्पष्ट है कि द्रमुक ने अपने सामाजिक कल्याण कार्यों को लेकर मजबूत रुख अपनाया है और वे इसे जारी रखने पर जोर दे रहे हैं। राजनीति के इस दौर में जनता की भलाई सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्षों से सहयोग की अपेक्षा की जा रही है।

