मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बरगी जांच के दौरान क्रूज और बोटिंग सेवाओं पर रोक लगाई

Rashtrabaan

    जबलपुर। बरगी बांध क्रूज हादसे के बाद, जिसमें 13 लोगों की मृत्यु हुई थी, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस त्रासदी की न्यायिक जांच के दौरान पूरे राज्य में क्रूज सेवाओं और बोटिंग क्लबों की गतिविधियों पर तात्कालिक रूप से रोक लगा दी है। यह महत्वपूर्ण निर्देश न्यायालय ने जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया।

    यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सर्राफ की खंडपीठ के समक्ष हुई, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा तिवारी द्वारा दायर याचिकाएँ भी शामिल थीं। अदालत ने राज्य सरकार के जवाब के बाद यह फैसला सुनाया, जिसमें बताया गया कि बरगी बांध पर हुई दुर्घटना की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच समिति गठित की गई है।

    सरकार ने अदालत को सूचित किया कि यह समिति चारों ओर से घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है और तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। साथ ही, पूरे प्रदेश में क्रूज और बोटिंग क्लब की गतिविधियों को फिलहाल के लिए निलंबित कर दिया गया है ताकि जांच निष्पक्षता से पूरी हो सके और कोई अन्य दुर्घटना न हो।

    अदालत ने जांच समिति को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ या नहीं, इस पहलू सहित हादसे के हर पक्ष का विस्तृत अध्ययन करें। अदालत ने यह भी कहा कि जनसामान्य जो इस त्रासदी से संबंधित कोई जानकारी या सुझाव देना चाहेंगे, वे जांच समिति के सामने अपनी बात रख सकते हैं।

    याचिकाकर्ता पुष्पा तिवारी के प्रतिनिधि अधिवक्ता गोपेश यश तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इन याचिकाओं का मुख्य उद्देश्य घटना की निष्पक्ष, त्वरित और व्यापक जांच सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि सही अपराधियों और लापरवाही करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।

    यह दुखद घटना 30 अप्रैल को हुई थी, जब बरगी बांध के जलाशय में चल रहे क्रूज जहाज पर अचानक आई तूफानी हवाओं के कारण वह पलट गया। इस हादसे में तेरह पर्यटक मारे गए, जिनमें आठ महिलाएं, चार बच्चे और एक पुरुष शामिल थे। 28 अन्य पर्यटकों को लंबे समय तक चलने वाले बचाव अभियान के माध्यम से सुरक्षित निकाला गया।

    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का यह फैसला सुरक्षा मानकों के सख्त पालन और जनता के जीवन की रक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है। इस आशय की रोक के साथ यह सुनिश्चित किया गया है कि जांच पूरी होने तक कोई जोखिम उत्पन्न न हो और भविष्य में इस प्रकार की त्रासदियों से बचा जा सके।

    अतः अब प्रदेश के सभी क्रूज और बोटिंग संचालन निलंबित रहेंगे जब तक जांच समाप्त नहीं हो जाती, यह निर्णय जनता की सुरक्षा और न्याय की मांग को पूरा करता है।

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