प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में बुधवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं और आंधी-तूफान ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई। पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई जगह कच्चे मकान ढह गए और दीवारें गिरने से लोग मलबे में दब गए। प्रशासनिक रिपोर्टों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 54 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
प्रयागराज और भदोही सबसे अधिक प्रभावित
प्रयागराज जिले में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 16 से अधिक लोगों की जान गई है। वहीं भदोही जिले में पेड़ गिरने और मकान ढहने की घटनाओं में 15 लोगों की मौत हुई है। सुरियावां थाना क्षेत्र में एक मकान पर पेड़ गिरने से एक महिला और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई। औराई क्षेत्र में भी पेड़ गिरने से कई लोगों की जान गई।
अन्य जिलों में भी नुकसान
- बदायूं और फतेहपुर में 5-5 लोगों की मौत दर्ज की गई।
- प्रतापगढ़ में 4 लोगों की जान गई।
- कानपुर देहात में बिजली गिरने से 33 बकरियों की मौत हुई।
- मथुरा, उन्नाव और बांदा में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हुई।
मौसम विभाग का अपडेट
मौसम विभाग के अनुसार, कई जिलों में हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही। गाजियाबाद, वाराणसी, अयोध्या, मेरठ और गोरखपुर सहित करीब 30 जिलों में बारिश दर्ज की गई। बांदा में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को राहत कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की गई है। प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचकर मदद कर रही हैं।

