राजस्थान एसीबी ने रेप केस में रिश्वत मांगने वाले पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया

Rashtrabaan

    जयपुर। राजस्थान में एक गंभीर मामला सामने आया है जहां रेप के एक केस की जांच में रिश्वत मांगने के आरोप में पुलिसकर्मी को एसीबी ने हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने की, जिसने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जिम्मेदारी निभाते हुए आरोपी पुलिसवाले को गिरफ्तार किया है।

    एसीबी अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के धोलापानी थाना प्रभारी प्रवीण कुमार चरण के खिलाफ शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप था कि उन्होंने एक रेप मामले में शिकायतकर्ता के भाई से राहत देने के बदले पैसे मांगें। यह शिकायत तत्कालीन जांच के दौरान आई, जिससे भ्रष्टाचार की सच्चाई उजागर हुई।

    पुलिस महानिदेशक (एसीबी) गोविंद गुप्ता ने बताया कि डूंगरपुर यूनिट को मिली शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई। शिकायत में यह भी कहा गया था कि आरोपी पुलिसकर्मी ने आश्वासन दिया था कि शिकायतकर्ता के पिता को झूठे केस में फंसाया नहीं जाएगा, यदि उन्हें रिश्वत दी जाती है।

    एसीबी ने निर्देशों के तहत डूंगरपुर टीम ने एक सटीक और योजनाबद्ध ऑपरेशन से आरोपी एसएचओ को पकड़ने में सफलता हासिल की। ऑपरेशन के दौरान आरोपी को उनकी निजी गाड़ी में यात्रा करते हुए निंबाहेड़ा हाईवे के नरसिंहपुरा टोल प्लाजा पर रोका गया और तलाशी में उनके पास से ₹2,87,150 नकद जमा पाए गए। आरोपी ने इस रकम के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

    पकड़े जाने के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया है और फिलहाल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसीबी) स्मिता श्रीवास्तव की देखरेख में आरोपी से पूछताछ और जांच जारी है। आरोपी के सरकारी आवास की भी तलाशी ली जा रही है।

    एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अन्य अधिकारियों में भी जवाबदेही का संदेश जाएगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

    यह मामले राजस्थान पुलिस और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के लिए न केवल एक परीक्षण है, बल्कि न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कार्रवाई से आम जनता में कानून व्यवस्था सुधार और न्याय के प्रति विश्वास बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

    भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी इस अभियान में एसीबी की यह कार्रवाई राज्य प्रशासन के प्रति जवाबदेही को भी सुदृढ़ करती है और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकेत देती है।

    इस पूरी घटना ने यह स्पष्ट किया है कि न चाहे पुलिस विभाग में इतनी संवेदनशील और गंभीर जांच हो, भ्रष्टाचार पर कड़ी नजर रखी जा रही है और दोषियों को कानून के कटघरे में लाना प्राथमिकता है।

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