मध्य प्रदेश के खरगोन में दुल्हन की हल्दी से हुई मौत, जांच के लिए हल्दी के सैंपल भेजे गए

Rashtrabaan

    खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक अनहोनी घटना सामने आई है, जहाँ दुल्हन को वैवाहिक रस्म के दौरान हल्दी लगाने के बाद गंभीर प्रतिक्रिया हुई और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना की गहराई से जांच शुरू कर दी है और हल्दी के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

    जानकारी के अनुसार, कसरावद क्षेत्र की रहने वाली राखी की अप्रैल माह में शादी थी। शादी की एक प्रमुख रस्म के तहत हल्दी समारोह आयोजित किया गया था जिसमें राखी सहित लगभग 15-20 लोगों को हल्दी लगाई गई थी। हल्दी लगाने के बाद राखी के शरीर पर अचानक लाल दाग और अन्य प्रतिक्रियाएँ नजर आने लगीं, जिससे उसकी स्थिति गंभीर हो गई।

    तत्काल राखी को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र खरगोन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी हालत में सुधार न होने पर उसे इंदौर के एमवाई अस्पताल रेफर कर दिया गया था। लेकिन निजी चिकित्सालय के सुझाव के बाद वह निजी अस्पताल ले जाई गई, जहाँ इलाज के दौरान राखी की मौत हो गई।

    मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीएस चौहान ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए खुराक की गई हल्दी के कई सैंपल लिए गए हैं और उन्हें भोपाल की प्रयोगशाला भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हल्दी में कोई विषैला या हानिकारक तत्व था या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि हल्दी लगाई गई अन्य लोगों को इस घटना से कोई नुकसान नहीं हुआ है, जिससे एक तरह का साइलेंट अटैक या किसी प्रकार की एलर्जी की आशंका जताई जा रही है।

    फूड सेफ्टी अधिकारी एच एल अवास्या ने बताया कि खरगोन के अलावा कसरावद के आसपास के कई स्थानों से भी हल्दी के नमूने लिए गए हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं और स्पष्टता के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती नहीं जाएगी।

    यह घटना हल्दी की गुणवत्ता एवं सुरक्षा पर सवाल उठाती है, जिसमें जरूरी है कि बाजार में मिलने वाले संसाधनों की नियमित जांच होती रहे ताकि इस तरह की अप्रिय घटनाओं से बचा जा सके। निकट भविष्य में जांच रिपोर्ट आने के बाद ठीक-ठीक कारणों का पता चल सकेगा।

    इस घटना ने इलाके में हल्दी समारोहों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की भी जरूरत दर्शाई है ताकि परिवारों को ऐसी अप्रत्याशित परिस्थितियों के लिए तैयार किया जा सके। साथ ही स्वस्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल नजदीकी अस्पताल में उपचार कराएं और अनावश्यक देरी न करें।

    Source

    error: Content is protected !!