नोएडा। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन की आड़ में फैली हिंसक घटनाओं के सिलसिले में एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई थानों में मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनमें भड़काऊ गतिविधियों, आगजनी और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने के मामले शामिल हैं। खासतौर पर सत्यम वर्मा और आकृति नाम के दो आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सत्यम वर्मा और आकृति की भूमिका इस आंदोलन को हिंसक करवाने और व्यापक स्तर पर अराजकता फैलाने में महत्वपूर्ण पाई गई है। यह आंदोलन कई जगहों पर उग्र रूप धारण कर गया था, जहां तकनीकी तोड़फोड़, आगजनी और अन्य विध्वंसकारी गतिविधियां हुईं।
जांच में यह भी पता लगा है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर प्रदर्शनकारियों को भड़काया और माहौल खराब किया। पुलिस ने इन्हें चिन्हित करके कार्रवाई शुरू की। इसी कड़ी में सत्यम वर्मा के बैंक खातों में विदेशी धनराशि के बड़े पैमाने पर प्रवेश का भेद खुला है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, सत्यम वर्मा के निजी खातों में डॉलर, पाउंड और यूरो जैसी विदेशी मुद्राओं में लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि विभिन्न विदेशी देशों से ट्रांसफर हुई है। इस रकम का इस्तेमाल तुरंत अन्य खातों में ट्रांसफर करने का काम भी आरोपी ने किया।
अगले चरण में पुलिस यह भी खोज रही है कि वर्मा किन संगठनों से जुड़ा हुआ है और क्या इनमें विदेशी फंडिंग का कोई संबंध है। बैंक खातों में हुए वित्तीय लेन-देन की पूरी तहकीकात की जा रही है ताकि पैसों के स्रोत और उन्हें कैसे इस्तेमाल किया गया है, यह साफ हो सके।
पुलिस अधिकारियों ने न्याय व्यवस्था की सुरक्षा के लिहाज से कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में तेजी लाकर आर्थिक और विदेशी फंडिंग के पहलुओं की भी जांच कर रही है। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और आगे भी कठोर कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

