अंबेडकरनगर। समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मणों पर की गई अभद्र टिप्पणी पर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्ष की नीतियों और सरकारी कार्यशैली पर अपने विचार स्पष्ट किए।
ओम प्रकाश राजभर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बिहार चुनाव के बाद विपक्ष घबराया हुआ है और पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने उनकी बेचैनी को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा करती है क्योंकि उनकी नेतृत्व क्षमता के कारण देश में विकास हो रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में जो सकारात्मक कार्य हो रहे हैं, वे विपक्ष को पसंद नहीं आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विपक्ष चाहता है कि प्रदेश में असामाजिक तत्व सक्रिय रहें, दंगा-फसाद और तानाशाही हो, जिससे शासन व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न उठे। लेकिन यूपी में एनडीए गठबंधन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अमन-चैन, भाईचारे और समृद्धि की बात करते हैं ताकि प्रदेश विकास की राह पर अग्रसर हो सके।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने राजकुमार भाटी के खिलाफ कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे बयान समाज में नफरत और वैमनस्यता फैलाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ नेताओं द्वारा ब्राह्मण और राजपूत समुदाय से वोट की अपील की जाती है, लेकिन दूसरी ओर अभद्र भाषा बोलकर समाज को बांटने का प्रयास किया जाता है, जिसे मंजूर नहीं किया जा सकता।
विदेशी मामलों पर उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति जटिल है और वहां सरकार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान समय में एशिया में जारी युद्ध सबसे बड़ी चुनौती है, जिसका प्रभाव हमारे देश पर भी पड़ता है।
ओम प्रकाश राजभर ने पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बात की और कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार वे ज्यादा सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग नहीं करते। वे केवल एक एस्कॉर्ट वाहन के साथ सफर करते हैं और सरकार की ओर से प्रदान किए गए वाहन से ही यात्रा करते हैं ताकि व्यर्थ के खर्च और दिखावे से बचा जा सके।
अंततः मंत्री ने विपक्ष को सतर्क रहने और सकारात्मक राजनीति करने की अपील की ताकि समाज में सौहार्द बना रहे और विकास के मार्ग में बाधाएं न आएं। उन्होंने कहा कि सभी को देश की बेहतरी के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए, न कि एक-दूसरे के खिलाफ नकारात्मकता फैलानी चाहिए।

