जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के मद्देनजर राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने रविवार को जयपुर रेलवे स्टेशन से अजमेर के लिए ट्रेनों का सहारा लिया। यह कदम वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए नागरिकों में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
दीया कुमारी ने अपने इस सफर के दौरान यात्रियों से बातचीत की और जन-संपर्क के माध्यम से ऊर्जा संरक्षण तथा पर्यावरण सुरक्षा के महत्व को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विकास के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण अनिवार्य हो गया है। सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देकर न केवल ईंधन बचाया जा सकता है, बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ और सुरक्षित रखा जा सकता है।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में दीया कुमारी ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के संदेश को अपनाते हुए कहा, “आज मैंने भारतीय रेलवे से अजमेर तक सफर करते हुए साझा यात्रा का अनुभव किया और साथी यात्रियों के विचारों को जाना। हम सभी को विकास के साथ-साथ ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को एक जन आंदोलन के रूप में ले जाना चाहिए।”
उन्होंने यह भी बताया कि देश में ऐसे प्रयासों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जहां न केवल सरकारें, बल्कि जनता भी अपने स्तर पर ऊर्जा संसाधनों के संरक्षण में भागीदारी निभाए। उनकी मानना है कि सार्वजनिक परिवहन में विश्वास बढ़ने से देश को आर्थिक मजबूती, स्वच्छ पर्यावरण और ऊर्जा बचत के अवसर मिलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में ऐसी पहलें तेजी से बढ़ रही हैं, जहां जनता के बीच स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। दीया कुमारी ने कहा कि यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें और छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव लाएं।
इस बीच, भाजपा ने “मेरा भारत, मेरा योगदान” नामक राष्ट्रव्यापी अभियान भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को ऊर्जा बचत के प्रति जागरूक करना और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना है। इस अभियान के तहत लोगों को स्वदेशी उत्पादों का समर्थन करने, गैर-जरूरी विदेश यात्रा से बचने और अपनी जीवनशैली को सरल बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के बाद कई केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकारें और प्रशासनिक विभाग इस दिशा में सक्रिय हुए हैं। मेट्रो यात्रा का उपयोग, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना तथा सरकारी काफिलों का आकार कम करना इस प्रयास का हिस्सा है। एनडीए शासित राज्यों में नेताओं ने अपने काफिलों की संख्या भी कम कर ईंधन की बचत में योगदान दिया है।
इस प्रकार, प्रधानमंत्री की अपील के प्रभाव से ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए सकारात्मक पहलें देश के विभिन्न हिस्सों में जोर पकड़ रही हैं, जो एक स्थायी और हरित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

