जयपुर। दिल्ली, लखनऊ, मुंबई और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों में सफलतापूर्वक शुरू की गई सहकारी मॉडल वाली ‘भारत टैक्सी’ सेवा अब राजस्थान के जयपुर में भी शुरू होने जा रही है। जून के पहले सप्ताह में इस सेवा का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे यहां के यात्रियों को किफायती और सुरक्षित परिवहन की सुविधा मिलेगी।
यह पहल देश में टैक्सी सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है, जो न केवल यात्रियों के लिए बल्कि टैक्सी चालकों के लिए भी एक बेहतर अवसर प्रदान करेगी। भारत टैक्सी सेवा का मकसद टैक्सी चालकों को स्वामित्व का अधिकार देना और उनकी आमदनी को स्थिर व सुरक्षित बनाना है। ताकि वे निजी कंपनियों की मनमानी और छुपे हुए शुल्कों से मुक्त होकर बेहतर आर्थिक स्थिति प्राप्त कर सकें।
राजस्थान के सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार डाक ने कहा कि भारत की पहली सहकारी मॉडल टैक्सी सेवा में टैक्सी चालक खुद कंपनी के मालिक होंगे, जिससे वे अपनी बात स्वतंत्र रूप से रख सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह सेवा स्वामित्व, सुरक्षा, सम्मान और समान लाभ-साझाकरण के चार प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित है।
डाक ने जयपुर के एपेक्स बैंक सभागार में आयोजित ‘भारत टैक्सी संवाद’ कार्यक्रम में कहा कि आगामी दिनों में इस सेवा का विस्तार जयपुर के साथ-साथ अन्य शहरों में भी होगा। उन्होंने चालकों से इस पहल को आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का आग्रह किया।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि इस सहकारी मॉडल के तहत चालकों को निजी कंपनियों द्वारा लगाये जाने वाले छिपे हुए शुल्कों और मनमानी प्रथाओं से मुक्ति मिलेगी, जिससे उनकी आजीविका और आत्मविश्वास दोनों में सुधार होगा।
चालकों ने इस नई सेवा का स्वागत किया है और कहा कि स्वदेशी सहकारी संस्थाओं के माध्यम से संचालित इस पहल से लाभ देश के भीतर ही रहेगा। उन्होंने यह भी माना कि यह मॉडल उन्हें निजी कंपनियों के सदस्यता शुल्क और अन्य बाधाओं से बचाने में सहायक सिद्ध होगा।
भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत से जयपुर में सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक नई क्रांति आने की उम्मीद है। यह सेवा न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि टैक्सी चालकों को मालिकाना हक मिलने से उनके स्वरोजगार और आर्थिक स्थिरता को बल मिलेगा। इस प्रकार, राजस्थान में यह पहल सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

