राघव चड्ढा के मुंबई आवास पर आप का विरोध प्रदर्शन: काले झंडे दिखाने पर पुलिस ने 8 नेताओं पर FIR दर्ज की

Rashtrabaan

    मुंबई में आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में आप नेताओं ने पुलिस द्वारा बरती गई कार्रवाई और राजनीतिक घटनाक्रम के चलते गुस्सा व्यक्त करते हुए काले झंडे भी दिखाए। पुलिस ने इस विरोध के दौरान उग्र होते हालात को देखते हुए आठ से अधिक आप नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की और कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

    राघव चड्ढा ने हाल ही में पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। उनके इस कदम से आम आदमी पार्टी में अंदरूनी नाराजगी बढ़ गई है, जिससे मुंबई स्थित उनके आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने ‘गद्दार राघव चड्ढा’ जैसे नारे लगाए जो कि राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहे थे। इस पर खार पुलिस स्टेशन की टीम ने तत्काल स्थिति संभाली और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने का प्रयास किया।

    पुलिस ने हिरासत में लिए गए आप कार्यकर्ताओं को नोटिस हाजिरी के बाद छोड़ दिया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए आठ से ज्यादा नेताओं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला दलबदल और राजनीतिक विश्वासघात के आरोपों की जांच के सिलसिले में अहम माना जा रहा है।

    यह विवाद उस समय सामने आया जब पिछले हफ्ते राघव चड्ढा समेत आप के सात राज्यसभा सांसदों ने भाजपा में शामिल होने की घोषणा की थी। इस सामूहिक पार्टी बदलाव को दलबदल कानून के तहत एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी के कुल दस राज्यसभा सदस्यों में से सात का एक साथ जाना एक तरह से सदस्यता बचाने का प्रयास भी माना जा रहा है।

    राष्ट्रीय स्तर पर इस घटना ने राजनीतिक बहस को बढ़ावा दिया है। पहले से ही चर्चा में चल रहे दलबदल कानून में सुधार की मांगों को इस मसले ने और अधिक गंभीरता दी है। खासतौर पर इस मामले में राघव चड्ढा की भूमिका भी विवादित बनी है क्योंकि वे खुद पहले दलबदल कानून के सुधार के हिमायती रहे हैं।

    इस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की अपील की है ताकि वे इस पूरे मामले में आप की ओर से पक्ष रख सकें और कथित बागी सांसदों की अयोग्यता पर विचार कर सकें। इस राजनीतिक घटनाक्रम को आगामी दिनों में और गहराई से देखा जा रहा है क्योंकि यह न केवल पार्टी के लिए, बल्कि केंद्रीय राजनीतिक पटल के लिए भी अहम परिणाम ला सकता है।

    Source

    error: Content is protected !!