रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्यों कहा, सेना को 5 साल तक के युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए, क्या है भारत की रणनीति?

Rahul Maurya

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मध्य प्रदेश के महू में ‘रण संवाद 2025’ कार्यक्रम में भारतीय सशस्त्र बलों को अप्रत्याशित भू-राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युद्ध अब अचानक और अनिश्चितकालीन हो सकते हैं, इसलिए सेना को दो महीने से लेकर पांच साल तक के युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए। यह बयान आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित त्रि-सेवा सेमिनार में आया, जहाँ CDS जनरल अनिल चौहान, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी, और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह मौजूद थे। सिंह ने आधुनिक युद्धों में ड्रोन, साइबर, और AI जैसी तकनीकों की भूमिका और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर जोर दिया।

बयान का संदर्भ

रक्षा मंत्री ने कहा, “आज युद्ध इतने अप्रत्याशित हैं कि यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि वे कब खत्म होंगे। सेना को हर स्थिति—चाहे दो महीने, एक साल, या पांच साल का युद्ध के लिए तैयार रहना होगा।” यह बयान वैश्विक तनावों, जैसे यूक्रेन-रूस संघर्ष और भारत की सीमाओं पर LAC और LOC की स्थिति, के मद्देनजर आया है। सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत शांतिप्रिय है, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की, जो स्वदेशी हथियारों और तकनीकों की सफलता का प्रतीक है।

आधुनिक युद्ध और तकनीकी तैयारी

सिंह ने जोर दिया कि भविष्य के युद्ध केवल हथियारों की लड़ाई नहीं होंगे, बल्कि तकनीक, खुफिया जानकारी, अर्थव्यवस्था, और कूटनीति का मिश्रण होंगे। उन्होंने साइबर युद्ध, ड्रोन, AI, और उपग्रह-आधारित निगरानी को युद्ध के नए क्षेत्र बताया। भारत इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ा रहा है, जिसमें जेट इंजन और हाइपरसोनिक तकनीकों का विकास शामिल है। 2025 को ‘रक्षा सुधारों का वर्ष’ घोषित करते हुए, सिंह ने एकीकृत थिएटर कमांड और त्रि-सेवा सहयोग पर जोर दिया।

स्वदेशी रक्षा और ऑपरेशन सिंदूर

ऑपरेशन सिंदूर, जिसने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, ने भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को प्रदर्शित किया। सिंह ने कहा कि यह भारत की सैन्य ताकत और आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। उन्होंने 2023-24 में रक्षा बजट का 75% हिस्सा स्वदेशी खरीद के लिए आवंटित करने का उल्लेख किया, जो भारत को 2025 तक 22 अरब डॉलर के रक्षा कारोबार तक ले जाने के लक्ष्य का हिस्सा है।

सिंह ने महाभारत का हवाला देते हुए कहा कि भारत युद्ध शुरू नहीं करता, लेकिन जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने पाकिस्तान को चेताया कि आतंकवाद का समर्थन महँगा पड़ेगा, और भारत की नीति अब आतंकवाद के खिलाफ कठोर है। यह बयान वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत छवि को रेखांकित करता है, खासकर जब पाकिस्तान ने परमाणु धमकियाँ दीं। सिंह ने सैनिकों की प्रशंसा की और उन्नत हथियारों, जैसे ड्रोन और मिसाइल डिफेंस सिस्टम, से लैस करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

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