उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में पटाखों पर बैन, नोएडा-गाजियाबाद में सख्ती

Rahul Maurya

लखनऊ, राष्ट्रबाण: उत्तर प्रदेश सरकार ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राज्य के आठ जिलों में पटाखों की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशानिर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। जिन जिलों में यह पाबंदी लागू होगी, उनमें नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, मुजफ्फरनगर, और ग्रेटर नोएडा शामिल हैं। यह कदम आगामी त्योहारी सीजन, खासकर गणेश चतुर्थी और दीपावली को देखते हुए उठाया गया है, ताकि हवा की गुणवत्ता को बिगड़ने से रोका जा सके।

पाबंदी का कारण

उत्तर प्रदेश सरकार ने यह निर्णय वायु प्रदूषण और शोर प्रदूषण को कम करने के लिए लिया है। सर्दियों के मौसम में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता अक्सर खराब या गंभीर श्रेणी में पहुँच जाती है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली सरकार द्वारा लगाए गए पूरे साल के पटाखा प्रतिबंध का समर्थन किया था और उत्तर प्रदेश व हरियाणा को भी ऐसा ही कदम उठाने का निर्देश दिया था। इन आठ जिलों में हवा की गुणवत्ता पिछले सालों में खराब रही है, जिसके कारण NGT ने सख्ती बरतने को कहा है। गाजियाबाद और नोएडा जैसे शहरों में प्रशासन ने पहले ही पटाखा बिक्री के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया है।

ग्रीन पटाखों पर स्थिति

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों (बेरियम साल्ट रहित) के उपयोग की अनुमति दी थी, लेकिन इन जिलों में हवा की गुणवत्ता खराब होने के कारण ग्रीन पटाखों पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। गाजियाबाद के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार ने बताया कि पिछले दो महीनों में अवैध पटाखा बिक्री के खिलाफ 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 729 किलोग्राम कच्चा माल जब्त किया गया। नोएडा पुलिस ने भी साफ किया कि शहर में किसी भी तरह के पटाखों की बिक्री नहीं होगी। अगर हवा की गुणवत्ता में सुधार होता है, तो दीपावली के दिन ग्रीन पटाखों के लिए सीमित समय की छूट दी जा सकती है।

प्रशासन की तैयारियाँ

प्रशासन ने इस पाबंदी को लागू करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। गाजियाबाद और नोएडा में पुलिस ने विशेष टीमें गठित की हैं, जो अवैध बिक्री और भंडारण पर नजर रखेंगी। गणेश चतुर्थी और दीपावली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के एक अधिकारी ने बताया कि अगर अक्टूबर में हवा की गुणवत्ता (AQI) 200 से नीचे रहती है, तो ग्रीन पटाखों पर कुछ छूट दी जा सकती है, लेकिन मौजूदा हालात में यह संभावना कम है।

क्या होगा व्यापरियों का?

इस प्रतिबंध से पटाखा व्यापारियों को बड़ा नुकसान होने की आशंका है। गाजियाबाद पटाखा व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का यह फैसला दिल्ली की नीति पर आधारित है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार का अंतिम आदेश अभी बाकी है। दूसरी ओर, पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि इससे वायु और शोर प्रदूषण में कमी आएगी।

Read also: RSS और BJP में कोई विवाद नहीं, मोहन भागवत ने दी सफाई

error: Content is protected !!