भारत जोड़ो यात्रा: जम्मू-कश्मीर में राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक? कांग्रेस और भाजपा के बीच दंगल

Rashtrabaan

    राहुल गांधी की अगुआई में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा जम्मू-कश्मीर में जारी है। आज यह पदयात्रा अपंतिपोरा, पुलवामा से शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक शामिल हुए। इस यात्रा में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी मौजूद रहीं, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

    भारत जोड़ो यात्रा का उद्देश्य देश में एकता और अखंडता को बढ़ावा देना है। इस अभियान के तहत कांग्रेस पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता विभिन्न इलाकों में जनसंपर्क कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में यह यात्रा विशेष तौर पर संवेदनशील मानी जा रही है, जहां राजनीतिक माहौल पहले से ही नाजुक है।

    हालांकि, इस यात्रा को लेकर विवाद भी बना हुआ है। जनवरी महीने में 27 तारीख को राहुल गांधी की सुरक्षा में कथित सुरक्षा चूक को लेकर पदयात्रा को रोक दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियों और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर खूब बातचीत और विवाद हुआ, जिसने राजनीतिक दलों के बीच गुजरात और जम्मू-कश्मीर में तकरार को और बढ़ावा दिया।

    जमून कश्मीर में सुरक्षा प्रबंधों को लेकर सवाल उठना कोई नई बात नहीं है, लेकिन एक प्रमुख विपक्षी नेता की सुरक्षा में चूक पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने वाले सभी दलों के लिए यह चुनौती भी बनी हुई है। भाजपा सरकार ने इस घटना को कांग्रेस की सुरक्षा व्यवस्थाओं में कमी बताते हुए तीखी आलोचना की। वहीं कांग्रेस ने इसका जवाब देते हुए कहा कि यह उन्हें राजनीति से रोकने की साजिश है।

    पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती का भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होना भी राजनीतिक संकेत देता है कि जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक पार्टियां इस यात्रा को अलग-अलग नजरिए से देख रही हैं। महबूबा मुफ़्ती पहले भी विवादास्पद परिस्थितियों में सक्रिय रही हैं, और उनकी उपस्थिति से राजनीतिक तापमान बढ़ा है।

    कुल मिलाकर भारत जोड़ो यात्रा जम्मू-कश्मीर में उम्मीद, विरोध और सियासी टकराव का मिश्रण है। इस यात्रा के जरिए कांग्रेस का उद्देश्य देश के लिए एक मजबूत राजनीतिक संदेश देना है, जो कि जम्मू-कश्मीर की भावनाओं को समझकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की दिशा में कदम बढ़ाता हो।

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