भोपाल। ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल केस में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब मुख्य आरोपी और ट्विशा का पति समर्थ सिंह जबलपुर जिला अदालत पहुंचे। इसके बाद भोपाल पुलिस ने समर्थ सिंह को हिरासत में ले लिया और भोपाल रवाना हो गई। इस बात की पुष्टि जबलपुर एसपी ने की है।
काफी दिनों से फरार चल रहे समर्थ सिंह के अचानक सामने आने से पूरे मामले में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अब इस केस की जांच और तेजी से आगे बढ़ेगी।
समर्थ सिंह के वकील के मुताबिक, उन्होंने पहले अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ली और उसके बाद अदालत में आत्मसमर्पण करने का फैसला किया।
अदालत परिसर में समर्थ सिंह ने अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की। वे चश्मा, मास्क और टोपी पहनकर मौजूद थे। पत्रकारों ने उनसे ट्विशा शर्मा की मौत, दहेज प्रताड़ना और उन पर लगे आरोपों को लेकर सवाल किए, लेकिन उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और पूरी तरह चुप्पी साधे रखी।
इधर, ट्विशा शर्मा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह कोर्ट नंबर 32 के अंदर बैठे थे, जो जिला एवं सत्र न्यायाधीश का कोर्ट रूम है और उसके दरवाजे बंद थे। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किस अधिकार के तहत उन्हें वहां बैठने की अनुमति दी गई।
अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, “इससे साफ समझ आता है कि ज्यूडिशियरी उनके सपोर्ट में कितनी ज्यादा है। मैं एसआईटी और लोकल पुलिस से मांग करता हूं कि उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। वे यहां सरेंडर करने आए थे, लेकिन जिला जज के चैंबर में दरवाजा बंद कर बैठे थे। जब दरवाजा खुलवाया गया तो वहां से निकलकर बार एसोसिएशन के चैंबर में चले गए।”
यह केस अभी भी न्यायिक जांच के दायरे में है और आगामी दिनों में बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस संगठित रूप से जांच कर रही है ताकि ट्विशा शर्मा के परिवार को न्याय मिल सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सभी पक्ष सतर्क हैं और हर पहलू की जांच में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही।

