सीएम मोहन यादव ने जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती बढ़ावा देने पर दिया जोर

Rashtrabaan

    भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में जनजातीय किसानों द्वारा अपनाई जा रही जैविक खेती का अध्ययन करने के लिए मध्य प्रदेश से टीम भेजने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य सफल जैविक कृषि पद्धतियों को प्रदेश के अन्य जनजातीय इलाकों में भी लागू करना है।

    बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, एवं जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों, आश्रम, और छात्रावासों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं रहने की व्यवस्था में सुधार लाना आवश्यक है।

    उन्होंने सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के साथ-साथ जनजातीय समुदायों के समग्र विकास के लिये समाजसेवी संगठनों के सहयोग को भी अहम बताया। इसके साथ ही सरकार के विभिन्न विभाग जनजातीय इलाकों में मिलकर काम करें ताकि सरकारी योजनाओं का सही लाभ लोगों तक पहुँच सके। मुख्यमंत्री ने पशुपालन को भी बढ़ावा देने का निर्देश दिया और कहा कि इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    मोहान यादव ने विशेष रूप से बैगा, भारिया और सहारिया जैसी पिछड़ी जनजातियों के सतत् विकास के लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने शिक्षण गुणवत्ता सुधार हेतु आवश्यक पदों पर नियुक्ति और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने पर भी बल दिया। बैठक में बताया गया कि 2026 की हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी परीक्षाओं में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ 10 जिलों में से 7 जनजातीय जिले शामिल हैं, जो शिक्षा में प्रगति का संकेत है।

    दिसंबर 2023 से अब तक कक्षा 9 एवं 10 के 3 लाख 65 हजार से अधिक विद्यार्थियों को 137 करोड़ 52 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है। इसके अतिरिक्त पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 4 लाख 28 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को 673 करोड़ 64 लाख रुपये वितरित किए गए हैं। कुल मिलाकर विभाग 2671 छात्रावास और आश्रमशालाओं का संचालन कर रहा है, जिससे शिक्षा का बेहतर माहौल सुनिश्चित हो रहा है।

    मंत्री विजय शाह ने जानकारी दी कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की महिला मुखिया के बैंक खातों में मासिक 1500 रुपये की राशि आहार अनुदान योजना के तहत सीधे भेजी जा रही है। इस वित्तीय सहायता से दिसंबर 2023 से अब तक 2 लाख 37 हजार 550 महिलाओं को कुल 432 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और उन्हें स्वावलंबी बनने का अवसर मिला है।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव की यह पहल जनजातीय समुदाय के समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जैविक खेती को बढ़ावा देकर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और किसानों की आमदनी बढ़ाने का प्रयास राज्य सरकार कर रही है। इसके तहत कृषि उत्पादन में सुधार, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

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