देश में व्यावसायिक एलपीजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। हाल ही में तीसरी बार वृद्धि की गई है, जिससे दिल्ली में 19 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत ₹3,071 तक पहुंच गई है। इस वृद्धि के बाद भी डीजल, पेट्रोल और घरेलू एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
व्यावसायिक एलपीजी का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटलों, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में किया जाता है। इस बार हुई कीमत वृद्धि के कारण इन व्यवसायों की लागत में बढ़ोतरी की संभावना है, जिसका असर उपभोक्ताओं पर भी हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का प्रभाव इस फैसले पर पड़ा है। सरकार ने घरेलू एलपीजी उपयोगकर्ताओं को राहत देने के लिए घरेलू सिलेंडर की कीमतों को स्थिर रखा है, ताकि आम जनता को कोई परेशानी न हो।
आर्थिक जानकारों के अनुसार, व्यावसायिक एलपीजी की कीमतों में यह वृद्धि चालू वित्तीय वर्ष में तीसरी है, जिससे व्यवसायों की परिचालन लागत बढ़ी है। हालांकि घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जो सरकार के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
इस कीमत वृद्धि से सम्बंधित जानकारियों के अनुसार, दिल्ली में 19 किलो के व्यावसायिक सिलेंडर की वर्तमान कीमत ₹3,071 निर्धारित की गई है, जो पूर्व की तुलना में ₹993 अधिक है। वहीं, घरेलू 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह लगातार स्थिर बनी हुई है।
सरकार द्वारा यह फैसला तेल और गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों के अचानक बढ़ोतरी के बीच लिया गया है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाया जा सके। विशेषज्ञ भविष्यवाणी कर रहे हैं कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता बनी रही तो घरेलू एलपीजी की कीमतों में आने वाले समय में कोई बदलाव नहीं होगा।
हालांकि व्यापार जगत इस बढ़ोतरी को लेकर चिंतित है क्योंकि इससे उनकी उत्पादन लागत बढ़ेगी और अंततः उत्पादों की कीमतों में इजाफा हो सकता है। व्यापार प्रबंधन संगठनों ने सरकार से सुझाव दिया है कि व्यावसायिक एलपीजी की कीमतों पर पुनः विचार किया जाना चाहिए ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे।
संक्षेप में कहा जाए तो, व्यावसायिक एलपीजी की कीमतों में यह वृद्धि आगामी माह में बाजार और उपभोक्ता व्यवहार को प्रभावित कर सकती है। वहीं, घरेलू एलपीजी की कीमतों में शांति से आम जनता को राहत मिली है और यह सरकार की उस नीति का उदाहरण है जो लोगों के हित में कार्य करती है।

