पर्वों से पहले डूण्डासिवनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई : अवैध शराब पर शिकंजा, ढाबा संचालकों पर केस, धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकर

Rashtrabaan

सिवनी, राष्ट्रबाण। आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए डूण्डासिवनी पुलिस ने अवैध शराब कारोबार, असामाजिक गतिविधियों और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के नेतृत्व में की गई इस विशेष कार्रवाई में न केवल अवैध शराब बेचने वालों पर शिकंजा कसा गया, बल्कि शराब पिलाने वाले ढाबा संचालकों पर भी आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए। इसके साथ ही धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों की जांच कर दो स्थानों से कुल चार लाउडस्पीकर हटवाए गए।

त्योहारों के पूर्व पुलिस की सख्ती

डूण्डासिवनी थाना क्षेत्र में आगामी दिनों में कई प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व मनाए जाने वाले हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया। थाना प्रभारी ने बताया कि अवैध शराब का धंधा पर्व-त्योहारों के दौरान सबसे अधिक बढ़ जाता है, जिससे नशे की हालत में झगड़े, विवाद और अपराध की घटनाएं सामने आती हैं। यही कारण है कि इस बार पुलिस ने पहले से ही सक्रियता दिखाते हुए अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई तेज कर दी है।

अवैध शराब के खिलाफ अभियान

पुलिस ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों में दबिश देकर कई जगहों से अवैध शराब जब्त की। अवैध रूप से शराब बेचने वालों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शराब के अवैध कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

ढाबा संचालकों पर प्रकरण दर्ज

सिर्फ अवैध शराब बिक्री ही नहीं, बल्कि खुलेआम ढाबों और ठेलों पर बैठाकर शराब पिलाने वाले संचालकों पर भी पुलिस ने शिकंजा कसा। ऐसे दो ढाबा संचालकों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि सामाजिक माहौल को भी खराब करती हैं।

धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकर

ध्वनि प्रदूषण और शांति व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों की भी जांच की। इस दौरान दो धार्मिक स्थलों पर लगाए गए चार लाउडस्पीकर हटवाए गए, क्योंकि वे बिना अनुमति के लगाए गए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उच्च न्यायालय और जिला प्रशासन द्वारा तय किए गए निर्देशों के अनुसार बिना अनुमति लाउडस्पीकरों का उपयोग वर्जित है। धार्मिक आयोजनों के दौरान केवल निर्धारित सीमा और समय में ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग किया जा सकेगा।

पुलिस की चेतावनी

डूण्डासिवनी थाना प्रभारी ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ने अवैध शराब बेची, सार्वजनिक स्थान पर शराब पिलाई या बिना अनुमति के लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल किया तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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