एफईएफकेए काउंसिल ने बी. उनिकृष्णन का महासचिव पद से इस्तीफा देने का प्रस्ताव अस्वीकार किया

Rashtrabaan

    एफईएफकेए (फेडरेशन ऑफ फिल्म एम्बल्मा एंड क्रिएटिव आर्टिस्ट्स) के महासचिव बी. उनिकृष्णन ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा व्यक्त की थी। लगभग 18 वर्षों तक इस संघ के नेतृत्व में रहने के बाद, उन्होंने नए नेतृत्व के सुझाव भी दिए थे। हालांकि, हाल ही में हुई बैठक में काउंसिल ने उनके इस्तीफे की पेशकश को अस्वीकार कर दिया है।

    उनिकृष्णन ने इस पद पर रहते हुए संघ की कई महत्वपूर्ण पहलों का नेतृत्व किया है। उनकी मेहनत और समर्पण से संघ ने फिल्म उद्योग में अपनी पहचान और अधिकारों को सफलतापूर्वक मजबूत किया है। इसी को देखते हुए काउंसिल ने उनसे अपने पद पर बने रहने का आग्रह किया है ताकि संगठन में स्थिरता बनी रहे।

    एफईएफकेए के सदस्यों ने भी इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि बी. उनिकृष्णन के नेतृत्व में संघ ने कई बार संकटों का सामना किया है और उन्होंने हर कदम पर सदस्यों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। उनका जाना संघ के लिए एक बड़ा नुकसान होगा।

    इस बैठक में यह भी तय किया गया कि किसी भी तरह का नेतृत्व परिवर्तन तब तक नहीं किया जाएगा जब तक उचित प्रक्रिया पूरी न हो और सभी सदस्यों की सहमति न मिल जाए। बी. उनिकृष्णन ने भी काउंसिल के इस निर्णय का सम्मान करते हुए कहा है कि वे संगठन के हित में काम करना जारी रखेंगे।

    भविष्य में संघ के लिए नए नेतृत्व की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई, लेकिन फिलहाल बी. उनिकृष्णन को महासचिव पद पर ही कायम रखा गया है। काउंसिल ने उनसे व्यक्तिगत और पेशेवर संतुलन बनाने के लिए सभी आवश्यक समर्थन देने का वादा किया है ताकि वे अपने काम को बेहतर तरीके से जारी रख सकें।

    इस घटना से यह संकेत मिलता है कि एफईएफकेए में नेतृत्व और संगठनात्मक स्थिरता को लेकर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। फिल्म कलाकारों और क्रिएटिव आर्टिस्ट्स के हितों के लिए यह एक सकारात्मक और मजबूत कदम माना जा रहा है। आगे भी इस विषय पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।

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