तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान पुनःमतदान को लेकर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पुनःमतदान का आदेश नहीं दिया गया है। इस चुनाव में तमिलनाडु के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान एक ही चरण में हुआ था, जबकि पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटों में से 152 सीटों पर पहले चरण में मतदान संपन्न हुआ।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान विभिन्न जगहों से कुछ मतदाताओं द्वारा असंबद्ध शिकायतें आईं, परन्तु चुनाव आयोग ने कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं मिली जिससे चुनाव के निष्पक्ष और स्वतंत्र होने पर सवाल उठे। आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की बड़ी अनियमितता दर्ज नहीं हुई है, इसलिए पुनःमतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ी है।
तमिलनाडु में मतदान उच्च सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुआ। मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) के संचालन में कोई त्रुटि या समस्या रिपोर्ट नहीं की गई। वहीं, पश्चिम बंगाल के पहले चरण के मतदान में भी स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनी रही। चुनाव आयोग ने सभी पक्षों से मतदान प्रक्रिया में अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया है।
चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान की प्रक्रिया और उसके बाद की कार्रवाई पूरी तरह से मानकों और कानूनों के अनुरूप रहे। किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना या विवाद उत्पन्न होने की स्थिति में आयोग समय-समय पर उचित कार्रवाई करता रहेगा, लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में थी।
इन चुनावों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल दोनों ही राज्य चुनाव परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो प्रदेशों की राजनीतिक दिशा निर्धारित करेंगे।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि मतगणना के दौरान सभी सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू किया जाएगा ताकि परिणाम पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हों। इस प्रकार, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने पुनःमतदान का आदेश न देकर प्रक्रिया की सफलता को सुनिश्चित किया है।

