लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबू बनारसी दास यूपी बैडमिंटन एकेडमी गोमतीनगर में द्वितीय अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन क्लस्टर (बैडमिंटन-टेबल टेनिस) प्रतियोगिता 2025-26 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को जीवन का महत्वपूर्ण मंत्र दिया और खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसे खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक एकाग्रता और त्वरित निर्णय क्षमता को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने खेल में शटल कॉक को गिरने नहीं देने के उदाहरण के जरिए समझाया कि जीवन में भी हमें अपने सपनों को टूटने से नहीं बचाना चाहिए। सीएम योगी ने कहा, “जैसे बैडमिंटन में शटल कॉक को गिरने नहीं देते, वैसे ही सपनों को टूटने नहीं देना है।”
उन्होंने बताया कि खेल के माध्यम से मिलने वाली काबिलियत विपरीत परिस्थितियों में ऑड-मैनेजमेंट की भी तैयारी कराती है। हर मेडल के पीछे कठिन परिश्रम, संघर्ष और हार न मानने की भावना होती है। वे कहते हैं, “टैलेंट शुरुआत देता है, लेकिन मेहनत लक्ष्य तक पहुंचाती है। जितना पसीना बहेगा, जीत उतनी ही बड़ी होगी।”
सीएम योगी ने खिलाड़ियों और युवा पीढ़ी को अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रयास की महत्ता समझाई। उन्होंने खेलों में आने वाले छोटे-छोटे कदमों और सही निर्णयों की तुलना जीवन में निरंतर सुधार की प्रक्रिया से की। उन्होंने कहा कि यह प्रयत्न ही प्रतियोगिता में श्रेष्ठता प्रदान करता है और सफल जीवन का आधार होता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद बैडमिंटन खेला और प्रतियोगिता के स्मारिका का भी विमोचन किया। साथ ही, खिलाड़ियों से शपथ ग्रहण कराई गई कि वे अपनी मेहनत और खेल भावना से प्रदेश और राष्ट्र का नाम रोशन करेंगे।
सीएम योगी ने इसके अलावा प्राचीन खेलों जैसे कबड्डी, कुश्ती, खो-खो, धनुर्विद्या, शतरंज आदि का उल्लेख करते हुए कहा कि खेलों का इतिहास हमारे सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने बताया कि अखाड़ा सिर्फ खेल स्थल नहीं, बल्कि ज्ञान और स्वस्थ जीवनशैली का केंद्र है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क और स्वस्थ चरित्र का निर्माण संभव होता है जिससे राष्ट्र की प्रगति होती है।
अर्जुन, भीम और बलराम जैसे महाकाव्य पात्रों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि ये हमारे लिए अनुशासन और पराक्रम के आदर्श हैं। आज की सरकार इन परंपराओं से प्रेरणा लेकर खेल क्षेत्र में नया आयाम स्थापित कर रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में 56 प्रतिशत युवा होने के कारण खेलों को प्रोत्साहित करना अत्यंत आवश्यक है। खेल के माध्यम से युवा न केवल स्वस्थ होते हैं, बल्कि उनमें अनुशासन, समर्पण और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होती है जो राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में खेलों के लिए बुनियादी संरचना और सुविधाओं का विकास हुआ है। अब खिलाड़ियों को सीधी भर्ती, पदोन्नति और नकद पुरस्कार जैसे प्रोत्साहन भी मिल रहे हैं। सरकार ने खिलाड़ियों को नौकरियों में हॉरिजेंटल रिजर्वेशन भी दिया है जिससे खेल अब केवल शौक नहीं बल्कि सम्मानजनक करियर बन गया है।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया जिनमें टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में पदक जीत कर भारतीय हॉकी टीम को गौरवान्वित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर ग्राम पंचायत में खेल के मैदान और प्रत्येक जनपद में स्टेडियम बनाकर प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध करा रही है ताकि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता मिल सके।
अंत में सीएम योगी ने सभी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को प्रेरित किया कि वे अपने लक्ष्य और सपनों को कभी टूटने न दें। उन्होंने कहा, “खेल संकटों से लड़ना, गिरकर उठना और फिर जीतना सिखाते हैं। हमें भी जीवन में इसी प्रकार हार न मानने का संकल्प लेना होगा।” इस कार्यक्रम ने खेलों के माध्यम से देश और प्रदेश के युवाओं के मनोबल और राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा को नई दिशा दी है।

