हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के सांडी कस्बे में गुरुवार को देर रात एक भीषण आग की घटना हुई, जिसमें एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम और उसके गोदाम को भारी नुकसान पहुँचा। यह हादसा रात लगभग दो बजे हुआ, जिसमें 22 लाख 43 हजार रुपये नकद सहित करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य का इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की पांच वाहन मौके पर पहुंचीं और तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर पर स्थित ‘शोभित इलेक्ट्रॉनिक्स एंड फर्नीचर्स’ शोरूम में लगी और जल्दी ही फर्स्ट फ्लोर पर मौजूद गोदाम तक आग फैल गई। शुरुआत में एक दमकल गाड़ी भेजी गई, लेकिन बढ़ती आग की गंभीरता को देखते हुए हरदोई से तीन और बिलग्राम से दो अतिरिक्त दमकल गाड़ियां मंगवाई गईं। सभी उपकरणों के जलने से न केवल दुकान मालिक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ, बल्कि आसपास के लोगों में भी डर का माहौल बन गया।
दुकानदार पुनीत वाजपेयी के अनुसार, करीब 1 करोड़ 97 लाख रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर का सामान इस आग की भेंट चढ़ गया है। साथ ही दुकान में रखी लगभग 22 लाख 43 हजार रुपये की नकदी भी पूरी तरह जल गई। कुल मिलाकर इस आग से 2 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि घटना के समय दमकल कर्मी काफी लेट पहुंचे, जिससे आग पर तुरंत नियंत्रण नहीं हो पाया और नुकसान बढ़ गया।
पुनीत वाजपेयी ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि समय पर उचित कदम उठाए जाते तो घटना से बचा जा सकता था। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शार्ट सर्किट को आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है।
हरदोई अग्निशमन अधिकारी सुशील कुमार के मुताबिक, शाम 1:39 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दो दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन आग की गंभीरता को देखकर अतिरिक्त तीन गाड़ियां भेजी गईं। करीब तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। अधिकारी ने आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं ताकि किसी की हानि न हो और व्यापारिक प्रतिष्ठान सुरक्षित रह सकें। यह घटना न केवल आर्थिक क्षति का कारण बनी है, बल्कि आग सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की भी आवश्यकता दिखाती है।

