पटना, राष्ट्रबानण: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियाँ जोरों पर हैं, और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सीट बंटवारे का फॉर्मूला लगभग तय कर लिया है। गठबंधन ने साफ कर दिया है कि यह चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। इस फैसले ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है, जो NDA के भीतर नेतृत्व को लेकर उठ रही थीं। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ नीतीश कुमार की हालिया बैठक के बाद सामने आई है। बिहार में विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को खत्म हो रहा है, और चुनाव अक्टूबर या नवंबर में होने की संभावना है।
क्या है सीट बंटवारे का फॉर्मूला
NDA ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए सीट बंटवारे का खाका तैयार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, यह फॉर्मूला 2024 के लोकसभा चुनाव के पैटर्न पर आधारित होगा। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 17 सीटों पर, जनता दल (यूनाइटेड) (JD(U)) ने 16 सीटों पर, और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP) ने 5 सीटों पर चुनाव लड़ा था। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को एक-एक सीट मिली थी। विधानसभा चुनाव में BJP को करीब 100 सीटें, JD(U) को 90-95 सीटें, LJP को 25-28 सीटें, HAM को 6-7 सीटें, और RLM को 4-5 सीटें मिलने की संभावना है। यह बंटवारा गठबंधन की एकजुटता और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर किया गया है।
नीतीश कुमार का नेतृत्व
NDA ने स्पष्ट किया है कि बिहार में नीतीश कुमार ही गठबंधन का चेहरा होंगे। JD(U) नेताओं ने इसे “2025 फिर से नीतीश” का नारा देकर प्रचारित करना शुरू कर दिया है। नीतीश के बेटे निशांत कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी इस बात को दोहराया है कि चुनाव के बाद भी नीतीश ही मुख्यमंत्री रहेंगे। यह बयान उन चर्चाओं को खारिज करता है, जो LJP नेता चिराग पासवान के नेतृत्व की संभावनाओं को लेकर थीं। हालांकि, चिराग ने हाल ही में कुछ बयानों से NDA में असहजता पैदा की थी, लेकिन BJP ने साफ किया कि नीतीश ही गठबंधन के नेता हैं।
विपक्ष पर हमला
नीतीश कुमार ने विपक्षी महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ने बिहार में कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में बेहतर काम किया है। उन्होंने दावा किया कि NDA इस बार 225 सीटों का लक्ष्य लेकर चल रहा है। JD(U) नेता अशोक चौधरी ने भी कहा कि गठबंधन की एकजुटता और नीतीश के नेतृत्व में बिहार में ऐतिहासिक जीत होगी।
NDA की इस रणनीति के बावजूद, विपक्षी दलों, खासकर RJD और जन सुराज पार्टी, ने नीतीश के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीट बंटवारे में छोटे सहयोगियों को संतुष्ट करना NDA के लिए चुनौती हो सकता है। फिर भी, गठबंधन ने पंचायत स्तर तक समन्वय बढ़ाने की योजना बनाई है।
NDA ने बिहार चुनाव के लिए नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपनी रणनीति साफ कर दी है। सीट बंटवारे का फॉर्मूला और एकजुटता गठबंधन की ताकत को दर्शाता है। अब यह देखना बाकी है कि क्या NDA अपने 225 सीटों के लक्ष्य को हासिल कर पाएगा।
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