लखनऊ, राष्ट्रबाण: उत्तर प्रदेश के संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर चल रहे विवाद ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा है।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि BJP और RSS धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर देश में सांप्रदायिक तनाव बढ़ा रहे हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ, जब एक याचिका में दावा किया गया कि मस्जिद का ढांचा बाबर के समय में एक मंदिर को तोड़कर बनाया गया था। सर्वे के दौरान हुई हिंसा में चार लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए थे।
सर्वे का विवाद और हिंसा
संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे का आदेश 19 नवंबर 2024 को स्थानीय अदालत ने दिया था। याचिका में दावा किया गया कि मस्जिद में प्रवेश का अधिकार माँगा गया था, लेकिन अदालत ने सर्वे का आदेश दे दिया। ओवैसी ने सवाल उठाया कि जब याचिका केवल प्रवेश के लिए थी, तो सर्वे की जरूरत क्यों पड़ी।
24 नवंबर को सर्वे के दौरान हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें पथराव और गोलीबारी में चार लोगों की जान चली गई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए सर्वे पर रोक लगा दी और उत्तर प्रदेश सरकार को शांति बनाए रखने के निर्देश दिए। ओवैसी ने इसे प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट 1991 का उल्लंघन बताया, जो धार्मिक स्थलों के चरित्र को 15 अगस्त 1947 के रूप में बनाए रखने का प्रावधान करता है।
ओवैसी का BJP-RSS पर हमला
ओवैसी ने कहा कि BJP और RSS की नीतियाँ देश को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने अजमेर शरीफ दरगाह के मंदिर होने के दावे को भी आड़े हाथों लिया, जिसे एक याचिका में उठाया गया था। ओवैसी ने कहा कि 800 साल पुरानी दरगाह का इतिहास साफ है, और इसे विवाद में घसीटना सामाजिक एकता को नुकसान पहुँचाता है।
उन्होंने केंद्र सरकार और निचली अदालतों से सवाल किया कि वे इस कानून को क्यों नजरअंदाज कर रहे हैं। ओवैसी ने BJP पर महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की आत्महत्या जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
पुलिस की कार्रवाई
संभल में हिंसा के बाद पुलिस ने 27 लोगों को गिरफ्तार किया और सात FIR दर्ज कीं। यूपी पुलिस ने दावा किया कि घटनास्थल से बरामद कारतूसों पर पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का निशान मिला, जिससे जांच में नया मोड़ आया है। वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, जिन्होंने सर्वे के लिए याचिका दायर की थी, ने ओवैसी और अन्य नेताओं पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया।
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