असम विधानसभा का पहला सत्र 21 मई को प्रारंभ होगा। यह चार दिवसीय सत्र 26 मई तक चलेगा जिसमें पहले दिन विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। इस महत्वपूर्ण मौके पर विधानसभा के सदस्यों ने नए सत्र की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इस सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जो राज्य के विकास और जनता की भलाई से जुड़े हैं। सदन की कार्यवाही में सभी विधायक सक्रिय भागीदारी करेंगे और न्यायपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
सत्र की शुरुआत होते ही विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी, जिससे वे अपने कर्तव्यों का निर्वाह ठीक प्रकार से कर सकेंगे। विधानसभा की कार्यवाही को सुचारु बनाने के लिए सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
इस सत्र में विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विषयों पर बहस होगी। राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का आकलन भी किया जाएगा। स्थानीय जनता के मुद्दे सदन में प्रमुखता से उठाए जाएंगे ताकि उनके समाधान की दिशा में तेजी लाई जा सके।
सत्र के दौरान विधानसभा की कार्रवाई नगरपालिका, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे जैसे विषयों पर केन्द्रित रहेगी। इससे राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। सभी विधायक सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस प्रकार, असम विधानसभा का यह सत्र राज्य की समृद्धि और प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा। विधायकों द्वारा की गई चर्चा एवं निर्णयों से असम के नागरिकों को आने वाले समय में बेहतर सुविधाएं और प्रशासनिक सुधार मिल सकेंगे।

