रूस-यूक्रेन युद्ध: रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से चल रहा युद्ध अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन ज़ेलेंस्की की वैधता पर सवाल उठाकर सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात की मध्यस्थता में दोनों देशों ने 146-146 युद्धबंदियों की अदला-बदली की, जिसने शांति की उम्मीद जगाई है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता और हाल की पुतिन-ट्रंप मुलाकात ने इस जटिल युद्ध को खत्म करने की कोशिशों को नई दिशा दी है।
पुतिन-ज़ेलेंस्की मुलाकात की अटकलें
रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। रविवार को सर्गेई लावरोव ने एक अमेरिकी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि पुतिन ज़ेलेंस्की से मिलने को तैयार हैं, लेकिन उन्होंने यूक्रेन के संविधान का हवाला देते हुए ज़ेलेंस्की के राष्ट्रपति पद की वैधता पर सवाल उठाए।
लावरोव ने दावा किया कि मई 2025 में ज़ेलेंस्की का कार्यकाल खत्म हो चुका है, और युद्धकालीन आपातकाल (मार्शल लॉ) के बावजूद उनकी वैधता संदिग्ध है। यूक्रेन ने इसका जवाब देते हुए कहा कि मार्शल लॉ के तहत ज़ेलेंस्की ही देश के वैध नेता हैं। इस बयान ने शांति वार्ता की संभावनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन ट्रंप की सक्रिय कूटनीति ने इसे फिर से हवा दी है।
ट्रंप की कूटनीति और अलास्का बैठक
हाल ही में अलास्का में हुई पुतिन और ट्रंप की मुलाकात ने वैश्विक मंच पर हलचल मचाई। ट्रंप ने इसे सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की शुरुआत हो चुकी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया कि रूस ने ट्रंप की मांगों के आगे झुकते हुए यूक्रेन को लेकर कई रियायतें दी हैं।
ट्रंप ने ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ व्हाइट हाउस में बैठक की, जहां युद्ध खत्म करने की रणनीति पर चर्चा हुई। सोशल मीडिया पर ट्रंप ने घोषणा की कि वह जल्द ही पुतिन और ज़ेलेंस्की के साथ त्रिपक्षीय बैठक करेंगे। यह बैठक हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में हो सकती है, क्योंकि हंगरी के तटस्थ रुख और कूटनीतिक इतिहास ने इसे उपयुक्त स्थान बनाया है।
युद्धबंदियों की अदला-बदली
युद्ध के बीच एक सकारात्मक कदम के तौर पर रूस और यूक्रेन ने संयुक्त अरब अमीरात की मध्यस्थता में 146-146 युद्धबंदियों की अदला-बदली की। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके सैनिकों को बेलारूस लाया गया है, जहां उन्हें चिकित्सा और मानसिक सहायता दी जा रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने टेलीग्राम पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इनमें 2022 से बंदी बनाए गए सैनिक और एक पत्रकार शामिल हैं। ज़ेलेंस्की ने यूएई का आभार जताया और कहा कि कैदियों की रिहाई का सिलसिला जारी रहेगा। इस कदम ने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की उम्मीद जगाई है, लेकिन युद्धविराम की राह अभी भी मुश्किल दिख रही है।
रूस का रुख और युद्ध की स्थिति
लावरोव ने अपने साक्षात्कार में यह भी कहा कि रूस का मकसद यूक्रेन की जमीन पर कब्जा करना नहीं है, बल्कि रूसी मूल और रूसी भाषी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने दावा किया कि रूस को “जमीन की भूख” नहीं है, लेकिन वह यूक्रेन से आने वाले खतरों को खत्म करना चाहता है। दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस पर ताबड़तोड़ हमले किए, जिसमें जापोरिजिया क्षेत्र में बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया गया। रूस ने भी जवाब में क्रेमेनचुक शहर पर 270 ड्रोन और 10 मिसाइलों से हमला किया, जिसे अगस्त का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। इन हमलों ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
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