प्रशांत किशोर का दावा 50% से अधिक हिंदू BJP के खिलाफ, बिहार में नया गठजोड़ बनेगा

Rahul Maurya

बिहार, राष्ट्रबाण: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बेतिया में अल्पसंख्यक समुदाय की बैठक में दावा किया कि देश के 50% से अधिक हिंदू भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि ये हिंदू गांधी, बाबासाहेब अंबेडकर, लोहिया, समाजवाद, और कम्युनिस्ट विचारधारा में विश्वास रखते हैं, जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी, जबकि BJP ने नहीं। किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव में BJP को हराने के लिए हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच वैचारिक गठजोड़ की वकालत की। यदि इस समूह का 20% भी जन सुराज के साथ आ जाए, तो BJP को हराना आसान होगा।

जन सुराज की रणनीति

पटना के हज भवन में ‘बिहार बदलाव कॉन्फ्रेंस’ में किशोर ने 243 विधानसभा सीटों में से 40 पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को अब तक RJD ने वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया। किशोर ने RJD और कांग्रेस को चुनौती दी कि वे मुस्लिम उम्मीदवारों की सूची जारी करें, वरना जन सुराज उन सीटों पर हिंदू उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने दावा किया कि जन सुराज का लक्ष्य बिहार में नया सामाजिक-राजनीतिक समीकरण बनाना है, जो गांधी और अंबेडकर की विचारधारा पर आधारित होगा।

BJP और सरकार पर हमला

किशोर ने BJP के बिहार नेतृत्व पर तीखा हमला बोला, कहते हुए कि उनका “चाल, चरित्र, चेहरा” RJD से भी बदतर है। उन्होंने वोटर लिस्ट में कथित धांधली (SIR) पर भी सवाल उठाए, दावा किया कि BJP और JDU मिलकर अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों के वोट काट रहे हैं। किशोर ने कहा, “पिछले तीन साल में सरकार ने हर वर्ग पर लाठियाँ चलाईं, अब जनता की बारी है।” उन्होंने 2014 में नरेंद्र मोदी की जीत में अपनी भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि 2015 में उन्होंने BJP को बिहार में 55 सीटों पर समेट दिया था।

बिहार में बदलाव का वादा

किशोर ने वादा किया कि जन सुराज की सरकार बनने पर छठ के बाद कोई बिहारी 10-12 हजार रुपये की नौकरी के लिए पलायन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के दबाव से ही सरकार ने पेंशन और मानदेय बढ़ाया है। बेतिया में उन्होंने नीतीश सरकार की 20 साल की नाकामी पर सवाल उठाए, पूछा कि बिहार को रोजगार और विकास में गुजरात से पीछे क्यों रखा गया। किशोर ने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे बिहार के बदलाव में योगदान दें, न कि सिर्फ सीटों के लिए जन सुराज का साथ दें।

किशोर की रणनीति महागठबंधन (RJD-कांग्रेस) के लिए चुनौती बन सकती है, जो लंबे समय से मुस्लिम वोटों पर निर्भर है। 2020 में बिहार में 19 मुस्लिम विधायक जीते, जिनमें 8 RJD के थे। किशोर की 40 मुस्लिम उम्मीदवारों की घोषणा और हिंदू-मुस्लिम गठजोड़ की बात सीमांचल जैसे क्षेत्रों में समीकरण बदल सकती है, जहाँ AIMIM ने पहले सेंध लगाई थी। हालांकि, BJP ने उनके दावों को “वोट की राजनीति” करार दिया है।

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