सिवनी में तीज की रात खूनी वारदात, नौकरी के नाम पर ठगी, कपल पर चाकू से हमला, फिर युवक ने खुद को मार डाला

Rahul Maurya

सिवनी, राष्ट्रबाण: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में हरितालिका तीज की रात एक सनसनीखेज घटना ने इलाके में दहशत फैला दी। लोपा गाँव के रहने वाले हर्षित वर्मा ने सरकारी नौकरी का झांसा देकर एक दंपत्ति से लाखों रुपये ठग लिए। जब दंपत्ति ने पैसे वापस मांगे, तो हर्षित ने जबलपुर रोड पर साई रेंसीडेंसी के पास उनकी कार में उन पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में प्रकाश ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें नागपुर रेफर किया गया, जबकि उनकी पत्नी श्रद्धा ठाकुर को भी चोटें आईं। हमला करने के बाद हर्षित ने भागकर उसी चाकू से अपनी गर्दन रेत ली और मौके पर उसकी मौत हो गई।

ठगी का खुलासा

पुलिस के अनुसार, हर्षित वर्मा ने प्रकाश और श्रद्धा ठाकुर को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर उनसे 7 लाख रुपये लिए थे। लगभग एक साल पहले लोपा गाँव से सिवनी की कर्वे कॉलोनी में रहने आए इस दंपत्ति को जब नौकरी नहीं मिली, तो उन्होंने पैसे वापस मांगे। कोतवाली थाना प्रभारी किशोर बामनकर ने बताया कि तीज की रात तीनों एक कार में सिमरिया तिराहे की ओर जा रहे थे, तभी हर्षित ने अचानक चाकू निकालकर दंपत्ति पर हमला कर दिया। प्रकाश के सिर और सीने पर गहरे घाव लगे, जबकि श्रद्धा के हाथ और कंधे पर चोटें आईं। हमले के बाद हर्षित कार से उतरा, 100-150 कदम भागा, और फिर उसी चाकू से अपनी गर्दन पर वार कर आत्महत्या कर ली।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुँचकर हर्षित के शव का पंचनामा बनाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। श्रद्धा का इलाज सिवनी जिला अस्पताल में चल रहा है, जबकि प्रकाश की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें नागपुर रेफर किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घायल दंपत्ति से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि हर्षित ने ठगी का जाल बिछाकर कई लोगों को निशाना बनाया था। पुलिस अब उसके फोन और बैंक खातों की जाँच कर रही है ताकि अन्य पीड़ितों का पता लगाया जा सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि हर्षित ने पहले भी सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी की थी, लेकिन इसकी कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई थी।

यह घटना मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी की बढ़ती समस्या को उजागर करती है। रीवा में हाल ही में एक सरकारी नौकरी घोटाले का खुलासा हुआ था, जहाँ शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों से 6 लोगों को नौकरी दी गई थी। सिवनी की इस घटना ने स्थानीय समुदाय में भय पैदा कर दिया है, खासकर तीज जैसे पवित्र अवसर पर। लोग अब ऐसी ठगी से बचने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई और जागरूकता अभियान की माँग कर रहे हैं।

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