सिवनी। राष्ट्रबाण। सिवनी पुलिस ने बहुचर्चित पवन उर्फ सोनू पाराशर हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी घनश्याम प्रजापत और दो नाबालिग साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया और बताया कि हत्या के पीछे ब्लैकमेलिंग और पैसों का लालच मुख्य कारण था।
गुमशुदगी से हत्या तक: 9 जुलाई से लापता था सोनू
9 जुलाई 2025 की शाम से पवन पाराशर (निवासी शास्त्री वार्ड, सिवनी) लापता थे। परिजनों द्वारा तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो 10 जुलाई को कोतवाली थाना में गुमशुदगी दर्ज की गई। पुलिस को जांच के दौरान मानेगांव रोड पर झाड़ियों में मृतक की स्कूटी मिली, जिससे मामला संदिग्ध लगने लगा।
12 जुलाई को मिला शव, हत्या की पुष्टि
12 जुलाई को सूचना मिली कि मानेगांव में एक गड्ढे में पत्थरों से दबा शव दिख रहा है। पानी निकाले जाने पर मृतक की पहचान पवन पाराशर के रूप में हुई। शव की कमर में तार से पत्थर बंधे थे। मौके की स्थिति से स्पष्ट हुआ कि यह सुनियोजित हत्या थी।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक की निगरानी में डूंडासिवनी और कोतवाली की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच व पूछताछ के जरिए तीन युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी घनश्याम प्रजापत और दो नाबालिगों ने हत्या स्वीकार की।
हत्या की साजिश और क्रूर वारदात
नाबालिग साथी ने बताया कि सोनू पाराशर उसके अश्लील फोटो से ब्लैकमेल करता था। घनश्याम को पैसों की तंगी थी। दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। एक अन्य नाबालिग ने चाकू उपलब्ध कराया। 9 जुलाई की रात, जब सोनू एक नाबालिग के घर आया, तो घनश्याम ने गर्दन पर वार किया और 8–10 बार ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
पैसे के लिए की गई हत्या और सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद शव को घर के पीछे गड्ढे में पत्थरों से दबा दिया गया। खून को प्लास्टिक बोतलों में भरकर झाड़ियों में फेंका गया। मृतक की जेब से 7,000 रुपये लेकर घनश्याम ने किराया चुकाया। घटना के बाद आरोपी मृतक के घर में चोरी की नीयत से भी गया, लेकिन ताला नहीं खोल सका।
गिरफ्तार आरोपी
घनश्याम उर्फ नवीन प्रजापत, उम्र 19 वर्ष, मूल निवासी जिला अलवर (राजस्थान), हाल निवासी मानेगांव, सिवनी। दो नाबालिग विधि उल्लंघनकारी बालक, निवासी मानेगांव।
पुलिस टीम की सराहना
पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश करने वाली टीम की प्रशंसा करते हुए इसे सिवनी पुलिस की बड़ी उपलब्धि बताया।
निष्कर्ष
सिवनी में सामने आए इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड ने यह दिखा दिया कि डिजिटल ब्लैकमेलिंग और लालच किस हद तक अपराध को जन्म दे सकते हैं। समय रहते पुलिस की सतर्कता ने इस मामले को सुलझाकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है।
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