जबलपुर। मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर के बरगी जलाशय में हुए क्रूज हादसे के चलते लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस आदेश के तहत क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर इंचार्ज बृजेंद्र को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही होटल मैकाल रिजॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि क्षेत्रीय मैनेजर संजय मल्होत्रा को विभागीय जांच पूरी होने तक मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि इस हादसे में दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने इस घटना को लेकर सरकार के ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति पर जोर दिया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही न हो।
मुख्यमंत्री के जबलपुर दौरे के बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और घटना स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।
राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक नौ मृतकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। अभी भी कुछ लोग लापता हैं जिनको खोजने के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स और भारतीय सेना की टीमें जुटी हुई हैं। उन्होंने इस पूरे प्रयास में स्थानीय लोगों की भूमिका की भी सराहना की, जिन्होंने इमरजेंसी में सरकारी टीमों का पूरी तत्परता से सहयोग किया।
सीएम यादव ने बताया कि इस दुखद घटना से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रकार की घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करेगी ताकि भविष्य में किसी भी तरह की कोई दुर्घटना न हो सके।
सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए राहत पैकेज की भी घोषणा की है, जिसके तहत प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री नेशनल रिलीफ फंड से दो लाख रुपए की सहायता की घोषणा की है, जो पीड़ित परिवारों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
यह कदम बरगी क्रूज हादसे में हुई गंभीर लापरवाही को रोकने के लिए कार्यवाही का स्पष्ट उदाहरण है, जिससे सभी संबंधित विभागों में जिम्मेदारी और सावधानी की भावना बढ़ेगी। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए यथोचित सुरक्षा प्रबंध कड़े और प्रभावी रूप से लागू किए जाएं।

