जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी डैम पर हुए क्रूज हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। इस दर्दनाक घटना का गवाह बने क्रूज पायलट महेश पटेल ने आईएएनएस से बातचीत में उस हादसे की भयावहता विस्तार से बताई। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के दिन उन्हें मौसम की खराबी की कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे वह पूरी तरह तैयार नहीं थे।
महेश पटेल ने कहा, “मैं शाम को चार बजकर सोलह मिनट पर क्रूज लेकर डैम में निकला था। मैं करीब 22 मीटर आगे गया था जब अचानक तेज आंधी महसूस हुई। तब मैंने डीजे बंद कर लोगों को लाइफ जैकेट पहनने के लिए कहा। हमें मौसम की खराब स्थिति के बारे में किसी भी स्तर पर पूर्व सूचना नहीं मिली थी।”
उन्होंने आगे बताया कि आंधी आने के बाद संकट बढ़ गया। क्रूज किनारे से लगभग दस मिनट की दूरी पर था। आंधी तेज़ होने पर उनके सहयोगी ने क्रूज के ऊपर लगे तिरपाल को काट दिया ताकि हवा का दबाव कम हो सके। फिर भी क्रूज में पानी भरने लगा और दोनों इंजन बंद हो गए। तब उन्होंने रिसेप्शन को सूचित कर दूसरी नाव भेजने को कहा।
महेश पटेल ने हृदयविदारक अनुभव बताते हुए कहा, “जब क्रूज पलट रहा था, तो ऊपर के डेक पर बैठे यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनकर पानी में छलांग लगा दी थी। मैं अपनी केबिन में था और घटना के तुरंत बाद मैंने भी लाइफ जैकेट पहन ली। लहरों ने मुझे कुछ दूरी तक फेंक दिया। नीचे के डेक में बैठे लोग शायद बाहर नहीं निकल पाए और उनकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद मेरी नींद उड़ गई है और मैं बार-बार अपने सामने उस भयावह मंजर को देखता हूं। लोगों की चीखें कानों में गूंजती हैं। मैं अपनी पूरी कोशिश के बावजूद उन्हें बचा नहीं पाया, यह हादसा मेरी जीवनभर याद रहेगा।”
महेश ने कहा कि वे मौसम की सही जानकारियां मिलने पर ही नाव लेकर जाते थे, लेकिन उस दिन मौसम सामान्य लग रहा था। हादसे के बाद बनाई गई बचाव टीम ने सबसे पहले उन यात्रियों को बचाया जो लाइफ जैकेट पहनकर पानी में तैर रहे थे।
बरगी डैम हादसे में अब तक 13 शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि क्रूज में लगभग 40 से 41 लोग सवार थे। घटना के तुरंत बाद से प्रशासन और पुलिस टीम ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। आसपास के लोगों और अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए मौसम की सही तथा समय पर जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि यात्री सुरक्षित रह सकें।

