ट्रंप ने चीन को बर्बाद करने की दी धमकी, रेयर अर्थ मैग्नेट्स की सप्लाई रोकी तो 200% टैरिफ

Rahul Maurya

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बीजिंग ने रेयर अर्थ मैग्नेट्स की आपूर्ति रोकी, तो अमेरिका 200% टैरिफ लगा सकता है। सोमवार को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ व्हाइट हाउस में मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा, “चीन ने चालाकी से रेयर अर्थ मैग्नेट्स का वैश्विक एकाधिकार हासिल किया है। उन्हें हमें मैग्नेट्स देना होगा, वरना 200% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा।” ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास ऐसे “अविश्वसनीय कार्ड” हैं, जो चीन की अर्थव्यवस्था को “बर्बाद” कर सकते हैं, लेकिन वह संबंधों को बनाए रखना चाहते हैं। यह धमकी अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में तनाव बढ़ाने वाली है, खासकर तब, जब जून में लंदन में हुए समझौते के बाद दोनों देशों ने टैरिफ कम किए थे।

रेयर अर्थ में चीन का दबदबा

रेयर अर्थ तत्व और मैग्नेट्स ऑटोमोटिव, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जैसे मिसाइल सिस्टम, जेट इंजन, इलेक्ट्रिक वाहन, और स्मार्टफोन। चीन वैश्विक रेयर अर्थ उत्पादन का 60% और प्रोसेसिंग का 90% नियंत्रित करता है, जिससे वह आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थिति में है। अप्रैल 2025 में, ट्रंप के टैरिफ बढ़ाने के जवाब में चीन ने सात रेयर अर्थ तत्वों और मैग्नेट्स पर निर्यात प्रतिबंध कड़े किए, जिससे अमेरिकी निर्माताओं को भारी नुकसान हुआ। जून में जेनेवा समझौते के बाद अमेरिका ने चीनी सामानों पर टैरिफ 145% से घटाकर 30% किया, और चीन ने अमेरिकी आयात पर टैरिफ 10% तक कम किया।

व्यापार युद्ध में नया मोड़

ट्रंप ने कहा कि वह और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग जल्द ही लंदन समझौते को अंतिम रूप देंगे, जिसमें चीन ने रेयर अर्थ की आपूर्ति बहाल करने और अमेरिका ने चीनी छात्रों के वीजा प्रतिबंध हटाने का वादा किया है। ट्रंप ने बीजिंग यात्रा की संभावना भी जताई। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि 200% टैरिफ की धमकी से पता चलता है कि चीन की रेयर अर्थ पर पकड़ अमेरिका के लिए रणनीतिक जोखिम है। ING के अर्थशास्त्री लिन सॉन्ग ने कहा, “यह धमकी व्यापार वार्ता टूटने की स्थिति में चेतावनी है।” जून में मैग्नेट निर्यात सात गुना बढ़ा, लेकिन आपूर्ति में रुकावट का डर बना हुआ है।

भारत पर भी टैरिफ का असर

ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के लिए 25% अतिरिक्त टैरिफ (कुल 50%) लगाया है, जिसे भारत ने “अनुचित” बताया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस पर निर्भर रहेगा और जवाबी कार्रवाई पर विचार करेगा। भारत के $86.5 बिलियन के अमेरिकी निर्यात में कपड़ा, रत्न-आभूषण, और समुद्री उत्पाद प्रभावित होंगे। इससे न केवल भारत, बल्कि नाइजीरिया जैसे अन्य देश भी प्रभावित हुए, जिनके निर्यात में $527 मिलियन की कमी आई।

अमेरिकी रक्षा कंपनियाँ, जैसे लॉकहीड मार्टिन, रेयर अर्थ मैग्नेट्स पर निर्भर हैं। चीन के प्रतिबंधों ने आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया, जिससे ऑटोमेकर और सैन्य उत्पादन में रुकावटें आईं। ट्रंप ने अप्रैल में सेक्शन 232 जांच शुरू की, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रेयर अर्थ की निर्भरता का आकलन करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका को वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने में वर्षों लग सकते हैं। तब तक, चीन का दबदबा बना रहेगा।

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