अमेरिकी सेना ने इरान युद्ध में ड्रोन और वायु रक्षा प्रणालियों की खरीद के लिए 2027 के बजट में वृद्धि की मांग की

Rashtrabaan

    वाशिंगटन। पेंटागन ने आगामी 2027 वित्तीय वर्ष में ड्रोन और संबंधित तकनीकों पर खर्च को तीन गुना बढ़ाकर 74 अरब डॉलर से अधिक करने की योजना बनाई है। इस बड़े निवेश का मकसद इरान युद्ध में इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन एवं वायु रक्षा प्रणालियों को और मजबूत बनाना है। इसके साथ ही, रक्षा विभाग 30 अरब डॉलर से अधिक की राशि मिसाइल इंटरसेप्टर्स और अन्य महत्वपूर्ण हथियारों पर खर्च करने का भी प्रस्ताव कर रहा है।

    पेंटागन की यह मांग देश की बढ़ती सुरक्षा आवश्यकताओं और तकनीकी चुनौतियों को ध्यान में रखकर की गई है। ड्रोन तकनीक ने आधुनिक युद्धक्षेत्र में क्रांति ला दी है, जिससे हवाई हमलों की सटीकता और सुरक्षा दोनों बढ़ाई जा सकती हैं। अमेरिकी सेना इस क्षेत्र में अपनी बढ़त कायम रखना चाहती है, खासकर इरान जैसे संवेदनशील युद्ध क्षेत्र में, जहां ड्रोन एवं एयर डिफेंस सिस्टम का महत्व वर्धित हो गया है।

    रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस विस्तार से न केवल अमेरिका की सैन्य क्षमताएं बढ़ेंगी, बल्कि इससे आसपास के क्षेत्रीय विवादों पर भी प्रभाव पड़ेगा। पेंटागन ने यह स्पष्ट किया है कि इन निवेशों का मकसद केवल रक्षा बढ़ाना है और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखना है।

    इस प्रस्ताव के तहत मिसाइल इंटरसेप्टर तकनीक पर भी खासा ध्यान दिया जा रहा है, जो संभावित मिसाइल हमलों को रोकेगी। इस कदम को अमेरिका की सामरिक तैयारियों और तकनीकी नवीनताओं के अनुकूल माना जा रहा है। रक्षा विभाग के अनुसार, ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम की वृद्धि से अमेरिका की सामरिक दृढ़ता और युद्धकालीन प्रतिक्रिया क्षमता सुनिश्चित होगी।

    अमेरिकी कांग्रेस से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का सिलसिला आगे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या यह बड़ा बजट अमेरिका को तकनीकी रूप से और मजबूत बना पाएगा। पेंटागन के इस कदम को अमेरिका के रक्षा बजट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जो वैश्विक सैन्य नीति और तकनीकी विकास के लिहाज से कई नई दिशा निर्धारित करेगा।

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