रायगढ़ राष्ट्रबाण: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक मामूली विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। फिटिंगपारा गांव में एक पालतू कुत्ते के भौंकने को लेकर हुए झगड़े में 25 वर्षीय युवक अमन ठाकुर की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में दहशत फैला दी है। पुलिस ने तीन आरोपियों, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं, को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना पालतू जानवरों से जुड़े विवादों के हिंसक परिणामों को उजागर करती है।
विवाद की शुरुआत
घटना रायगढ़ के फिटिंगपारा गांव में हुई, जहां अमन ठाकुर का अपने पड़ोसियों के साथ कुत्ते के भौंकने को लेकर कहासुनी हो गई। पुलिस के अनुसार, अमन ने पड़ोसियों के पालतू कुत्ते को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद बहस ने हिंसक रूप ले लिया। आरोपी पक्ष ने गुस्से में आकर अमन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस की कार्रवाई
रायगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया। इनमें से दो नाबालिग हैं, जबकि तीसरा आरोपी बालिग है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है और आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि विवाद लंबे समय से चल रहा था, और कुत्ते के भौंकने की घटना ने इसे चरम पर पहुंचा दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई पुरानी रंजिश भी इस हत्या के पीछे थी।
इस घटना ने फिटिंगपारा गांव में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग इस हिंसक घटना से स्तब्ध हैं और पालतू जानवरों को लेकर होने वाले विवादों पर चिंता जता रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि पड़ोसियों के बीच छोटे-मोटे झगड़े अक्सर होते हैं, लेकिन इस तरह की हिंसा असामान्य है। यह घटना पालतू जानवरों की देखभाल और पड़ोसियों के बीच आपसी समझ की जरूरत को रेखांकित करती है।
इसी तरह की अन्य घटनाएँ
पालतू कुत्तों से जुड़े विवादों का यह पहला मामला नहीं है। आगरा में 2024 में कुत्ते के काटने को लेकर हुए झगड़े में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसी तरह, 2023 में मध्य प्रदेश के हट्टा में कुत्ते को लेकर हुए विवाद में एक युवक को हत्या के प्रयास के लिए सजा सुनाई गई थी। ये घटनाएँ पालतू जानवरों से जुड़े विवादों को सुलझाने में संयम और जागरूकता की आवश्यकता को दर्शाती हैं।