एसआरएन अस्पताल के डॉक्टरों ने दूसरी लगातार दिन हड़ताल जारी रखी है, जिसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे वे अपनी ड्यूटी निभाने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
हड़ताल के दौरान, अस्पताल में सामान्य सेवाएं बाधित हुई हैं और मरीजों को इलाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि वे अस्पताल परिसर में बढ़ते हमलों और धमकियों से चिंतित हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो वे अपनी जिंदगियों की रक्षा करते हुए इस हड़ताल को लंबा खिंचाने पर मजबूर होंगे।
अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि वे डॉक्टरों की मांगों को गंभीरता से ले रहे हैं और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, पुलिस और सुरक्षा गार्ड की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है ताकि डॉक्टरों को सुरक्षित माहौल प्रदान किया जा सके। प्रशासन ने डॉक्टरों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द हड़ताल समाप्त कर अस्पताल में सेवाएं पुनः बहाल करें।
स्थानीय रोगी और उनके परिवार अस्पताल में उपचार के लिए खड़े हैं और सभी का ध्यान है कि स्थिति शीघ्र सामान्य हो ताकि चिकित्सकीय सेवाएं नियमित रूप से चल सकें। इस बीच, डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, तब तक वे अपनी मांगों के प्रति सख्त हैं और न्यायोचित कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
यह हड़ताल स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के महत्वपूर्ण मुद्दे को उजागर करती है, जहां चिकित्सक सुरक्षा की कमी के कारण अपनी सेवाएं देने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि वे निर्भीक होकर मरीजों का इलाज कर सकें।

