बलरामपुर। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) का रविवार को 11वां वर्ष पूर्ण हो गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य देश के गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों को न्यूनतम प्रीमियम पर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना रहा है।
9 मई 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ की गई ये योजनाएं समय के साथ लाखों परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई हैं। खास तौर पर आकस्मिक दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में ये योजनाएं परिवारों के लिए संबल का काम करती हैं, जिससे वे आर्थिक संकट से बाहर निकल पाते हैं।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज निवासी शैलेश गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ने उनके और उनके जानने वाले कई परिवारों को आपातकाल में आर्थिक सहायता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि इतनी कम प्रीमियम राशि में मिलने वाला व्यापक बीमा कवच वास्तव में गरीबों के लिए वरदान जैसा है।
शैलेश ने आगे कहा कि जब घर में अचानक कोई दुर्घटना हो जाती है तो इलाज और घरेलू खर्च चलाना सबसे बड़ी चुनौतियां होती हैं। ऐसी स्थिति में ये योजनाएं एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बन जाती हैं जो परिवार को टूटने से बचाती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए लोगों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
ग्राम पंचायत पुरानडीह के निवासी बीडी लाल गुप्ता ने भी इस योजना की प्रभावशीलता की बात की। उन्होंने बताया कि उनके खाते से मात्र 20 रुपये वार्षिक प्रीमियम स्वतः कटता है और इसके बदले उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि कई गरीब परिवारों के लिए ये योजना किसी बड़ी आर्थिक राहत से कम नहीं है।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत देवगई के निवासी सीताराम गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत दो लाख रुपए तक का बीमा कवर उपलब्ध होता है, जो आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में परिवार के लिए जीवन रेखा साबित होता है। उन्होंने कहा कि भविष्य अनिश्चित है और इनमें से किसी को भी दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए इस योजना का लाभ अवश्य लेना चाहिए।
देश भर में विभिन्न जिलों से मिलने वाली ऐसी प्रतिक्रियाएं स्पष्ट करती हैं कि पीएम सुरक्षा बीमा योजना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक मजबूत आर्थिक कवच बन चुकी है। इसके माध्यम से लाभार्थी परिवारों को न केवल राहत मिलती है, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बनते हैं। केंद्र सरकार की यह पहल सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक सफल मिशाल के रूप में उभरी है।
अंत में यह कहा जा सकता है कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ने अपने 11 वर्षों के सफर में लाखों परिवारों को संकट के समय उम्मीद की किरण दी है और आने वाले वर्षों में भी यह योजना इसी तरह सामाजिक सुरक्षा का संवाहक बनी रहेगी। इसलिए सभी पात्र लाभार्थियों को चाहिए कि वह जल्द से जल्द इस योजना का लाभ उठाएं और अपने परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करें।

