डॉ. वी.एस. नटराजन जेरियाट्रिक फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक समारोह में लगभग 2,000 व्यक्तियों ने “आइए, हम अपने बुजुर्गों का सम्मान करें” संकल्प लिया। इस आयोजन में स्कूल और कॉलेज के छात्र तथा आम जनता के सदस्य शामिल हुए।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना और उनके सम्मान को सुनिश्चित करना है। वृद्धों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और असम्मान को मिटाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक माने जाते हैं।
समारोह में वक्ताओं ने बुजुर्गों के अनुभव, ज्ञान और योगदान को सराहते हुए समाज में उन्हें सम्मान देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग परिवार और समुदाय के अभिन्न सदस्य होते हैं, जिनके बिना सामाजिक संरचना अधूरी रहती है।
इस मौके पर छात्रों ने भी अपने विचार साझा किए और यह प्रण लिया कि वे बुजुर्गों का सम्मान करेंगे तथा उनकी सेवा में अग्रसर रहेंगे। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों ने भी इस संकल्प का समर्थन करते हुए बुजुर्गों के साथ सद्भाव और प्रेम की भावना को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
डॉ. वी.एस. नटराजन जेरियाट्रिक फाउंडेशन की ओर से कहा गया कि समाज में वृद्ध व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में इस तरह के कदम आवश्यक हैं। वे खुद बुजुर्गों की देखभाल और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मिलकर बुजुर्गों के साथ सहानुभूति और सम्मान का माहौल बनाएं, ताकि वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। इस प्रकार के आयोजनों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद की जा रही है।
वृद्धों के प्रति सम्मान और उनकी गरिमा बनाए रखना किसी भी सभ्य समाज की पहचान है। इस कार्यक्रम ने इस संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया और सभी को प्रेरित किया कि वे बुजुर्गों के लिए अधिक आदर और सम्मान दिखाएं।

