लखनऊ के गुरुकुल में 11 साल के छात्र की यातनाओं से मौत, बर्बरता का खुलासा

Rashtrabaan

    कानपुर : लखनऊ के एक गुरुकुल में 11 साल के छात्र दिव्यांश द्विवेदी की संदिग्ध मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। कानपुर निवासी दिव्यांश की मौत को प्रारंभ में एक दुर्घटना बताया गया था, लेकिन पुलिस की जांच में यह मामला हत्या और क्रूरता का रूप ले चुका है।

    घर लौटने की इच्छा से शुरू हुआ विवाद

    पुलिस जांच में सामने आया कि दिव्यांश कुछ दिनों से गुरुकुल छोड़कर घर वापस जाना चाहता था। इस इच्छा के कारण गुरुकुल के संचालक कन्हैयालाल मिश्रा उससे नाराज थे। इस नाराजगी के चलते संचालक ने दिव्यांश को लगातार चार दिनों तक यातनाएं दीं। उसे कमरे में हाथ-पैर बांधकर भूखा-प्यासा रखा गया और डंडे से पीटा गया। गुरुकुल में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी छात्र को क्रूरता से पीटते हुए देखा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिव्यांश के शरीर पर 42 सिगरेट के निशान और गंभीर चोटें पाई गईं हैं।

    सीसीटीवी फुटेज और जांच से मिली महत्वपूर्ण जानकारियां

    गुरुकुल परिसर के सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य छात्रों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कई अहम तथ्य जुटाए हैं। जांच में पता चला है कि दिव्यांश को बार-बार ज़बरदस्ती मारा गया। घटनास्थल से बरामद वस्तुओं को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और हर संभव सबूत जुटा रही है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट बढ़ा रही मामले की गंभीरता

    पोस्टमार्टम में छात्र के शरीर पर कई चोटों की पुष्टि हुई है, जिससे यह साफ हुआ कि यह मौत सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि अत्यंत क्रूर व्यवहार का परिणाम है। पुलिस ने इस रिपोर्ट के आधार पर तफ्तीश और तेज कर दी है और सारे एंगल से मामले को खंगाल रही है।

    मुख्य आरोपी संचालक व उसकी सहयोगी गिरफ्तार

    पुलिस ने इस मामले में गुरुकुल संचालक कन्हैयालाल मिश्रा और उसकी महिला सहयोगी हर्षिता सोनी को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। महिला पर आरोप है कि उसने साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किया। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और उनसे कड़ी पूछताछ जारी है।

    शुरुआती बयान में दी गई थी दुर्घटना की कहानी

    घटना के प्रारंभिक दौर में संचालक ने दावा किया था कि दिव्यांश सीढ़ियों से गिर गया था। इसके बाद उसने शव को बच्चा के घर ले जाकर छोड़ दिया था। इस संदिग्ध व्यवहार ने मामले को और जटिल बना दिया था, जिससे परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई।

    परिजनों की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज

    दिव्यांश के पिता की शिकायत पर पुलिस ने संचालक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया और लखनऊ में गुरुकुल की तीव्र जांच शुरू कराई। पूछताछ और साक्ष्य जुटाने के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जो मामले को और स्पष्ट करते हैं।

    पुलिस की गंभीर जांच जारी

    पुलिस अधिकारी इस मामले में हर पहलू की समीक्षा कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और घटनास्थल से बरामद वस्तुओं के आधार पर जल्द ही पूरी सच्चाई सार्वजनिक की जाएगी।

    राजनीतिकों ने जताई चिंता और न्याय आश्वासन

    घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चिंता व्यक्त की गई। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पीड़ित परिवार से मिले और इस अपराध के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थानों में निगरानी और सुरक्षा का महत्त्व अधिक है।

    शिक्षा संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

    यह दर्दनाक मामला शिक्षा संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा की हकीकत पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। गुरुकुल जैसे पारंपरिक शिक्षण केंद्रों में भी बच्चों की भलाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। पारदर्शिता, नियमित निरीक्षण और कड़ी निगरानी से ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा और बच्चों को सुरक्षित माहौल मिलेगा।

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