टेनिस स्टार कार्लोस अल्काराज ने इन्फोसिस के साथ बहु-वर्षीय अनुबंध में ब्रांड एंबेसडर के रूप में किया जुड़ाव

Rashtrabaan

    नई दिल्ली। भारत की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस ने दुनिया के शीर्ष युवा टेनिस खिलाड़ियों में से एक कार्लोस अल्काराज को अपने ब्रांड एंबेसडर के रूप में चुना है। यह बहु-वर्षीय समझौता दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा क्योंकि इसमें न केवल खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक AI तकनीक का उपयोग होगा, बल्कि सामाजिक पहलें भी शामिल होंगी।

    इन्फोसिस की टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म टोपाज़ (Topaz) के अंतर्गत, इस सहयोग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। ये उपकरण मैच एनालिटिक्स और प्रदर्शन में सुधार के लिए विकसित किए गए हैं, जिससे कार्लोस अल्काराज और उनकी टीम को प्रतिस्पर्धा में लाभ मिलेगा। टोपाज़ तकनीक का उद्देश्य खिलाड़ियों की आत्म-विश्लेषण क्षमता बढ़ाना और खेल के प्रत्येक पहलू पर व्यापक डेटा आधारित इनसाइट प्रदान करना है।

    इसी के साथ, यह साझेदारी कार्लोस अल्काराज फाउंडेशन के माध्यम से सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करता है। इन्फोसिस के सहयोग से ये कार्यक्रम और अधिक प्रभावशाली और व्यापक होंगे, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।

    कार्लोस अल्काराज ने इस अवसर पर कहा, “इन्फोसिस के साथ जुड़कर मैं बेहद खुश हूं। उनके AI और तकनीकी प्लेटफॉर्म का उपयोग कर मैं अपने खेल में नई ऊँचाइयों को छू सकूंगा। साथ ही, हमारी सामाजिक पहलें भी हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इससे हम युवा प्रतिभाओं को सही दिशा देने में समर्थ होंगे।”

    इन्फोसिस के सीएमओ ने बताया, “कार्लोस अल्काराज जैसी प्रतिभा का हमारे संगठन से जुड़ना एक गर्व की बात है। यह साझेदारी न केवल तकनीकी विकास को गति देगी, बल्कि हमारे सामाजिक प्रभाव को भी बढ़ाएगी। हम एआई आधारित समाधानों के जरिए खेल को एक नया आयाम देने के लिए उत्साहित हैं।”

    यह सहयोग तकनीक और खेल के बीच बढ़ती बातचीत का प्रतीक है, जहां डेटा और AI मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इन्फोसिस और कार्लोस अल्काराज की यह साझेदारी वैश्विक स्तर पर खेल और सामाजिक विकास के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ वर्षों में ऐसी तकनीकी सहायताएं खेल में आम हो जाएंगी, जिससे खिलाड़ियों की दक्षता में वृद्धि होगी और दर्शकों को भी आकर्षक अनुभव मिलेगा। इन्फोसिस के इस कदम से भारतीय आईटी उद्योग और खेल जगत दोनों को ही लाभ होगा।

    Source

    error: Content is protected !!