मुंबई। मुंबई में जर्जर दशा में पहुंच चुकी कई इमारतों की मरम्मत को लेकर आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने मुंबई की करीब 13,500 इमारतों की तत्काल मरम्मत के लिए विशेष फंड जारी करने की अपील की है ताकि मानसून से पहले शहर में रहने वाले निवासियों की जान को खतरा न हो।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई की कई पुरानी इमारतें 50 से 80 साल पुरानी हैं, जिन्हें मजबूती प्रदान करना बहुत आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि मुंबई बिल्डिंग रिपेयर एंड रिकंस्ट्रक्शन बोर्ड (एमबीआरआरबी) आर्थिक संकट के कारण मरम्मत कार्यों को चालू नहीं रख पा रहा है, जो सीधे तौर पर सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है। मार्मिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने राज्य सरकार से इसे आपातकालीन स्थिति मानते हुए विशेष फंड जारी करने की मांग की है।
ठाकरे ने कहा कि ऐसी अनेक इमारतें जो 1940 से 1969 के बीच बनी हैं, विशेष रूप से जोखिम में हैं। इन इमारतों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है – कैटेगरी ए (1940 से पहले बनी), कैटेगरी बी (1940-1950), और कैटेगरी सी (1950-1969)। अधिकांश ये इमारतें रेंट कंट्रोल कानून के दायरे में आने की वजह से किराया बहुत कम है, जिसकी वजह से मकान मालिक मरम्मत में रुचि नहीं लेते।
एमबीआरआरबी को ‘रिपेयर सेस’ के तहत किरायेदारों से कुछ राशि मिलती है, लेकिन यह राशि मरम्मत के भारी खर्चों को पूरा करने में असफल रहती है। इसके परिणामस्वरूप कई इमारतें जर्जर और असुरक्षित हो गई हैं। आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई में कई पुनर्विकास परियोजनाएं पूरी तरह से सरकारी प्रक्रियाओं में अटकी पड़ी हैं, जिन्हें तेज़ किया जाना चाहिए ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि मानसून के पहले इन मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि कोई अप्रिय दुर्घटना न हो। ठाकरे का कहना है कि मुंबईकरों की सुरक्षा के लिए इस आपात स्थिति को गंभीरता से लेकर आवश्यक फंड तत्काल जारी किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार से इस दिशा में त्वरित कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है ताकि शहर के लाखों निवासियों को सुरक्षित आवास मिल सके।

