रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम की विशेष सामान्य सभा सोमवार को सियासी अखाड़ा बन गई। महिला आरक्षण बिल के संसद में पारित न होने के मुद्दे पर बुलाई गई इस बैठक में भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई। सदन में उस वक्त तनाव चरम पर पहुँच गया जब नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी की एक टिप्पणी पर भाजपा पार्षद उनकी सीट तक जा पहुँचे और माफी की मांग को लेकर भारी हंगामा किया।
राजधानी के नगर निगम में राष्ट्रीय मुद्दों पर होने वाली यह बहस दर्शाती है कि आगामी चुनावों से पहले महिला वोट बैंक को साधने की कवायद तेज हो गई है। सदन की कार्यवाही में हंगामे के कारण शहर के विकास कार्यों पर चर्चा प्रभावित होना चिंता का विषय है।
विपक्ष नहीं चाहता महिलाओं को उनका हक, भाजपा का आरोप
विशेष सभा में निगम की 18 महिला पार्षदों ने अपने विचार रखे। भाजपा से जुड़ी महिला पार्षदों ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिलाओं को उनका हक नहीं देना चाहते, इसीलिए संसद में बिल का समर्थन नहीं किया गया। महापौर मीनल चौबे सहित भाजपा की महिला विंग ने कांग्रेस के प्रति गहरी नाराजगी जाहिर की। भाजपा पार्षद काले कपड़े पहनकर और काली पट्टी लगाकर सभा में पहुंचे थे।
कांग्रेस ने किया पलटवार, देश को दी पहली महिला विपक्ष
वहीं, कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उनका कहना था कि कांग्रेस हमेशा महिलाओं को नेतृत्व प्रदान करती रही है, जिसका उदाहरण स्व. इंदिरा गांधी (पहली महिला प्रधानमंत्री) और प्रतिभा पाटिल (पहली महिला राष्ट्रपति) हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा पुराने बिल को नए स्वरूप में पेश कर केवल राजनीतिक फायदे की कोशिश कर रही है।
सदन में हुआ हंगामा और माफी की घोषणा
सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी द्वारा ‘अंग्रेजों की मुखबिरी’ शब्द का प्रयोग विवाद का कारण बना। भाजपा पार्षद आक्रोशित होकर उनके पास पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। विवाद बढ़ता देख आकाश तिवारी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी विशेष व्यक्ति का नाम नहीं लिया है और यदि किसी को ठेस पहुँची हो तो वे क्षमा चाहते हैं।
प्रस्ताव पर हुई चर्चा और सर्वसम्मति से पारित
रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति सूर्यकान्त राठौड़ के नेतृत्व में नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गांधी सदन के सभागार में विशेष सामान्य सभा का आयोजन किया गया। बैठक में महिला सशक्तिकरण हेतु अल्पकालिक जनजागरूकता अभियान के आयोजन एवं समन्वय पर विचार-विमर्श हुआ। इसके बाद प्रस्ताव को विशेष सामान्य सभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह बैठक महिला आरक्षण बिल को लेकर चल रही बहस के बीच हुई, जो आगामी चुनावों में राजनीतिक दलों की नीतियों और रणनीतियों को परिभाषित करने वाली प्रतीत हो रही है।
नगर निगम सत्र में दो प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच महिला अधिकारों को लेकर उठे मुद्दे और उनके मतभेद आगामी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सक्रिय और जन हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

