पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों – असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं। बंगाल पर देश की निगाहें इस बार विशेष रूप से टिकी हैं क्योंकि यहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सघन मुकाबला होने की उम्मीद है। दोनों पार्टियां जोर-शोर से प्रचार-प्रसार कर रही हैं और जीत के दावे भी कर रही हैं। जैसे-जैसे मतगणना का दिन करीब आ रहा है, राजनीतिक माहौल और भी गरमाता जा रहा है।
एग्जिट पोल आने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक वीडियो संदेश जारी करते हुए उन्होंने न केवल अपने समर्थकों का आभार जताया बल्कि BJP पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। ममता ने खुले तौर पर कहा कि चुनाव के दौरान BJP द्वारा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया और भाजपा के सहारे मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
ममता बनर्जी की टीएमसी उम्मीदवारों से खास अपील
ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे मतगणना के दौरान अपनी-अपनी सीटों की सुरक्षा करें क्योंकि भाजपा मतगणना केंद्रों के रास्ते में ईवीएम बदलने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा, “जब तक मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस न करूं, मतगणना केबिन से बाहर न निकलें। शांति बनाए रखें और मुझ पर भरोसा रखें। बेफिक्र रहें, टीएमसी ही सत्ता में आएगी।”
भाजपा पर गंभीर आरोप
ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान केंद्रीय एजेंसियां जैसे ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स का राजनीतिक उद्देश्य से दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों का गलत इस्तेमाल हुआ, जिससे महिलाओं, बच्चों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अत्याचार की घटनाएं हुईं। विशेष रूप से उदयनारायणपुर की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवार के साथ पार्टी की संकल्पबद्धता जताई।
मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की साजिश
ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा जब जनता का समर्थन नहीं पा सकी, तो अब मीडिया के जरिए माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है ताकि TMC कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराया जा सके। उन्होंने जनता से 4 मई तक धैर्य रखने और चुनाव के परिणामों का इंतजार करने की बात कही। अपने बयान के अंत में उन्होंने जोर देकर कहा, “मां, माटी, मानुष जिंदाबाद! तृणमूल कांग्रेस जिंदाबाद! जय बंगला!”
इस चुनाव में पश्चिम बंगाल ने हमेशा के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मतदान प्रतिशत 92% से अधिक दर्ज किया गया जो अब तक का सर्वाधिक है। महिलाओं की बड़ी भागीदारी और चुनाव में तकनीकी सुधारों ने इसे ऐतिहासिक चुनाव बना दिया है। देश भी इस चुनावी उत्साह को खूब सराह रहा है, जो लोकतंत्र की मजबूती का परिचायक है।

