सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी को एक ऑडियो क्लिप की जांच करने का निर्देश दिया है, जिसमें कथित तौर पर मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बिरें सिंह को राज्य में हुई जातीय हिंसा से जोड़ा गया है। यह जानकारी पीटीआई ने दी।
यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार और के विनोद चंद्रन की पीठ ने दिया। याचिकाकर्ता, कुकि ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट, ने दावा किया कि वे पूरी ऑडियो क्लिप रिकॉर्ड पर प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसका समय दो घंटे से अधिक है।
पीठ ने गुजरात स्थित फोरेंसिक लैब को यह निर्देश दिया कि वे इस रिकॉर्डिंग की जांच करें और क्लिप में दर्ज आवाज़ के नमूने की तुलना बिरें सिंह की आवाज़ से करें।
2023 की मानी जा रही इन रिकॉर्डिंग्स में कथित रूप से बिरें सिंह की आवाज़ में यह कहते हुए सुना जाता है कि उन्होंने “कैसे और क्यों संघर्ष शुरू हुआ” इसकी जिम्मेदारी ली है। साथ ही वे दावा करते हैं कि उन्होंने केंद्र सरकार के गृह मंत्री अमित शाह के आदेशों का उल्लंघन किया, जो “बॉम्ब” के उपयोग के खिलाफ था, और उन लोगों को गिरफ्तारी से बचाया जो राज्य पुलिस के हथियारों की भंडार से हजारों हथियार छीने थे।
मई 2023 में मितई और कुकि-जों-हमर समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा में कम से कम 260 लोगों की मौत हुई और 59,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए। इसके बाद 2024 और 2025 में हिंसा के कारगर दौर भी देखने को मिले।
मणिपुर के मुख्यमंत्री बिरें सिंह ने फरवरी 2025 में पद छोड़ दिया था, जब कुकि-जोंमी-हमर समूहों ने उनकी प्रतिक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए थे। यह विवाद और इसके पीछे मौजूद राजनीतिक जटिलताओं ने राज्य में हालात और भी तनावपूर्ण बना दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट का यह कदम राज्य में बढ़ती हिंसा के मामले में न्यायिक हस्तक्षेप के अंतर्गत आता है, जो मणिपुर की सामाजिक शांति एवं कानून-व्यवस्था को बहाल करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे पहले भी अदालत ने निष्पक्ष जांच की जरूरत पर बल दिया था।
फोरेंसिक टेस्ट से स्पष्ट होगा कि ऑडियो की आवाज़ असली है या नहीं, और क्या पूर्व मुख्यमंत्री का इस हिंसा में कोई सीधा संबंध था। इससे राजनीतिक और कानूनी मामलों में बहस को भी एक ठोस आधार मिलेगा।
यह मामला मणिपुर की संवेदनशील जातीय राजनीति के बीच न्यायालयीय प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरा है। इससे जुड़े फैसले भविष्य में क्षेत्रीय शांति और प्रशासनिक कार्यवाही की दिशा निर्धारित कर सकते हैं।

