ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर का सख्त कदम, लापरवाह अधिकारियों का निलंबन, सफाईकर्मियों की सेवा समाप्ति और वेतन में कटौती

Rashtrabaan

    ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय ने सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। स्वच्छता के प्रति मिली शिकायतों और निरीक्षणों में मिली अनियमितताओं को देखते हुए जोनल स्वास्थ्य अधिकारी को निलंबित किया गया है, जबकि कई सफाईकर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही कई कर्मचारियों को नोटिस जारी कर वेतन में कटौती करने के आदेश भी दिए गए हैं।

    नगर निगम कमिश्नर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को साफ-सफाई, सीवर की साफ-सफाई, पेयजल उपलब्धता और कचरा प्रबंधन में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे, लेकिन कुछ कर्मचारी और अधिकारी इनके पालन में गंभीरता नहीं दिखा रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम ने त्वरित कार्रवाई की है।

    स्वास्थ्य विभाग के अपर आयुक्त के 24 अप्रैल 2026 के निरीक्षण में वार्ड नंबर 2 और 3 में कचरे के ढेर और सफाई की कमी सामने आई। मुख्य मार्गों तथा संत कृपाल आश्रम के नीचे स्थित नाले में कचरा भर जाने से ओवरफ्लो हुई और सड़कों पर गंदा पानी बहने लगा, जिससे नागरिकों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।

    प्रभारी जोनल हेल्थ ऑफिसर का निलंबन

    क्षेत्र क्रमांक 7 (अ) के प्रभारी जोनल हेल्थ ऑफिसर जीतू जादो को पहले भी फरवरी और अप्रैल 2026 में सुधार हेतु नोटिस जारी किए गए थे। बावजूद इसके सुधार नहीं होने पर निगमायुक्त ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम प्रशासन की कार्यप्रणाली को सुधारने और अन्य कर्मचारियों के लिए मिसाल कायम करने के उद्देश्य से लिया गया है।

    अनियमितता के कारण सफाईकर्मियों की सेवाएं समाप्त

    कमिश्नर के निर्देश पर की गई जांच में वार्ड संख्या 20 के विनियमित सफाईकर्मी एवं तत्कालीन वार्ड हेल्थ ऑफिसर अनिल छात्ररे की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। जांच में ये कर्मचारी सफाई कार्यों में लापरवाही बरतने और नियमों का उल्लंघन करने पाए गए।

    लंबे समय से अनुपस्थित सफाईकर्मियों की जांच

    मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि बिना सूचना दी हुई अनुपस्थिति वाले कर्मचारियों के खिलाफ जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच में वार्ड 4 के नरेश, वार्ड 12 के सुनील, वार्ड 14 के सोनू, वार्ड 21 के कुणाल व रजत, वार्ड 52 के विनोद और वार्ड 55 के मनोज शामिल हैं।

    आउटसोर्स कर्मचारी हटाए गए

    वार्ड 6 के आउटसोर्स सफाईकर्मी लक्ष्मण और वार्ड 60 के सोनू की लंबी अनुपस्थिति के कारण उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं और संबंधित एजेंसी को उन्हें वापस भेजा गया। वार्ड 64 के विनियमित सफाईकर्मी पवन को भी बिना सूचना अनुपस्थित पाए जाने पर सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है।

    वेतन में कटौती

    सफाई कार्य में लापरवाही के कारण वार्ड 27, 29, 40 और 55 के 14 कर्मचारियों का पांच दिन का वेतन काटा गया है क्योंकि उन्होंने कारण बताओ नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। यह कार्रवाई भविष्य में कर्मचारियों को कर्तव्य पालन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई है।

    इस सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि ग्वालियर नगर निगम का प्रशासन स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। नगरवासियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कार्यों में पूर्ण जिम्मेदारी और समर्पण दिखाने की आवश्यकता है।

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