पंजाब के CM भगवंत मान ने राघव चड्ढा और भाजपा पर कसा तंज, कहा – ‘चाय और समोसे का मेल हो गया है’

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    पंजाब विधानसभा में सरकार का विश्वासमत सर्वसम्मति से पास हो गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस दौरान अपने भाषण में विपक्ष खासतौर पर राघव चड्ढा और भाजपा पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने पर तंज कसते हुए कहा कि ‘चाय और समोसे का मेल हो गया है।’ यह बयान राजनीतिक सियासत में खासा चर्चा का विषय बना।

    भगवंत मान ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) को खून-पसीने की मेहनत से खड़ा किया गया है और यह पार्टी अपने मूल सिद्धांतों पर दृढ़ता से कायम है। उन्होंने सरकार की मजबूती का दावा करते हुए कहा कि उनकी सरकार जनता के भरोसे पर काम कर रही है और किसी भी बाहरी दबाव को सहन नहीं करेगी।

    विश्वासमत प्रस्ताव पास, विपक्ष ने नहीं दिया समर्थन

    पंजाब विधानसभा में जो विश्वास प्रस्ताव लाया गया वह बड़ी आसानी से बिना किसी विरोध के पारित हो गया। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के अधिकांश विधायक सदन में अनुपस्थित रहे, जिससे सरकार को स्पष्ट बहुमत मिला। कुल 94 सदस्यों में से 88 सदन में मौजूद थे और उन्होंने सरकार के समर्थन में वोट दिया। इस विश्वासमत के जरिए भगवंत मान सरकार ने अपनी मजबूत स्थिति को प्रदर्शित किया। हालांकि कुछ विधायक अनुपस्थित रहे, परंतु इससे सरकार की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ा।

    राजनीतिक बातें और विपक्ष पर निशाना

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मान ने केवल विपक्ष के विधायकों पर ही नहीं बल्कि देश की व्यापक राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाई गई संविधान व्यवस्था आज कई चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं जैसे वोटर लिस्ट में गड़बड़ी, एजेंसियों का राजनीतिक उपयोग और दबाव बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चिंता जताई।

    भगवंत मान ने भाजपा पर भी तीखा हमला किया और कहा कि भाजपा के पास अपने नेता नहीं हैं इसलिए वह दूसरे दलों के लोगों को अपनी पार्टी में शामिल कर रही है। उनका यह तंज खासतौर पर राघव चड्ढा की भाजपा में वापसी को लेकर था, जिसे उन्होंने चाय और समोसे के संगम से जोड़कर मजाकिया अंदाज में कहा।

    सियासी गलियारों में यह तंज काफी चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी दल इसे अगले राजनीतिक मतभेदों की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं। कुल मिलाकर, विश्वासमत पास होने के बाद भगवंत मान सरकार ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि पंजाब की राजनीति में वह मजबूती से खड़ी है।

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