मुंबई/किशनगंज। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने इस तरह की कानून व्यवस्था को ‘जंगल राज’ करार दिया और कहा कि बंगाल में स्थिति बहुत चिंताजनक है।
वारिस पठान ने स्पष्ट किया, “यह बात सभी जानते हैं कि बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। मैं स्वयं वहां था क्योंकि हमारी पार्टी ने वहां 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था।” उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि राज्य में नागरिकों की सुरक्षा दांव पर लग गई है।
उन्होंने दिल्ली के विवेक विहार में हुई भीषण आग की घटना पर भी दुख व्यक्त किया, जिसमें नौ लोगों की जान गई। वारिस पठान ने कहा कि मौके पर फायर ब्रिगेड देर से पहुंची, जो एक गंभीर समस्या है। उन्होंने मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि पता चल सके कि यह शॉर्ट सर्किट की वजह से हुई या जानबूझकर आग लगाई गई।
इसके अलावा पुणे में तीन साल से अधिक उम्र की नाबालिग बच्ची के साथ हुए बलात्कार और हत्या की घटना पर एआईएमआईएम ने कड़ी निंदा की। वारिस पठान ने कहा, “यह पूरी तरह निंदनीय और दुखद घटना है, जिसने भी यह अपराध किया है, उसे सार्वजनिक रूप से फांसी दी जानी चाहिए।” उन्होंने कानून व्यवस्था में खामियों पर सवाल उठाए और दोषियों को सजा दिलाने की अपील की।
बिहार में सभी स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य करने के फैसले पर भी एआईएमआईएम के बिहार अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने आपत्ति जताई। उन्होंने इसे ‘नकली देशभक्ति’ करार दिया और कहा कि देशभक्ति का असली मतलब उन लोगों से है जिन्होंने आजादी के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा, “देशभक्ति का असली अर्थ उन लोगों को समझना चाहिए, जिन्होंने जेलें काटी, संघर्ष किया और देश की आजादी के लिए कुर्बानियां दीं।”
एआईएमआईएम बंगाल चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक न्याय, कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव पर लगातार अपनी बात रख रही है। पार्टी का कहना है कि कानून व्यवस्था को बेहतर बनाना और न्याय सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

