प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के बदलते स्वरूप को लेकर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि आज युद्ध केवल भौतिक सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स का रूप ले चुका है, जिसमें साइबर, स्पेस, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम और डिजिटल माध्यम शामिल हैं। इसलिए शांति, समृद्धि और उदारता की रक्षा के लिए सामरिक शक्ति और सामर्थ्य आवश्यक हो गए हैं।
नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्… वसुधैव कुटुम्बकम् सिर्फ संस्कृत श्लोक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। परन्तु इस उदारता की रक्षा के लिए उतनी ही शक्ति भी आवश्यक है।” उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के शब्द उद्धृत करते हुए बताया कि क्षमा का महत्व केवल तब होता है जब उसके पास सामर्थ्य हो, अन्यथा यह कमजोराई बन जाती है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी सुरक्षा व्यवस्था को केवल आक्रामकता के लिए मजबूत नहीं कर रहा बल्कि अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुरक्षित रखने के लिए रणनीतिक रूप से सशक्त बना रहा है। उन्होंने कहा कि आज का युद्ध सीमित नहीं रहा, बल्कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से एक साथ कई क्षेत्रों में लड़ा जा रहा है, जहां ‘की-बोर्ड’ भी युद्ध का उपकरण बन चुका है।
उन्होंने डिजिटल सुरक्षा और नेटवर्क सुरक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि सोशल मीडिया तथा तकनीकी माध्यमों में दुश्मनों के नेटवर्क को बाधित करना और अपने सिस्टम को सुरक्षित रखना सबसे जरूरी हो गया है। साथ ही उन्होंने पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में हुई सुधारों का उल्लेख किया, जिससे प्रदेश निवेश के लिहाज से देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विकसित हो रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की प्रगति भी साझा की। लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, चित्रकूट और अलीगढ़ जैसे शहरों में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से रक्षा उत्पादन में बड़ा विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि भारत का रक्षा निर्यात 600 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 38 से 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जो देश की वैश्विक रक्षा क्षमता को दर्शाता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “नेशन फर्स्ट केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय का जीवन मंत्र होना चाहिए। हमारे सैनिकों की बहादुरी और बलिदान के कारण ही आज देश सुरक्षित है और नागरिक चैन की नींद सो पाते हैं।” उन्होंने सुरक्षा, स्थिरता और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर को समृद्धि की आधारशिला बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश के विकास इंजन के रूप में उभर रहा है और यह उपलब्धि तमाम प्रयासों का परिणाम है।
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास की यह त्रि-स्तम्भ सरकार की प्राथमिकता रही है, जिसमें सामरिक शक्ति के साथ सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि भी शामिल है। यही कारण है कि प्रदेश का मॉडल न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि आने वाले समय में भी प्रदेश शक्ति, सुरक्षा और सहिष्णुता के इस सामंजस्य को कायम रखते हुए राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

