भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ‘ईज ऑफ डूइंग फार्मिंग’ योजना लागू करने की मांग की है। किसानों की समस्याओं को समझते हुए उन्होंने कृषि क्षेत्र में सरकारी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने का आग्रह किया है।
दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि किसानों को बीज खरीदने से लेकर फसल की बिक्री, ट्रांसफार्मर बदलवाने और ऋण लेने जैसी कई प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन जटिलताओं के कारण किसान कई बार समय पर राहत या सुविधा नहीं प्राप्त कर पाते हैं। इसी कारण से किसानों के लिए कृषि कार्यों को सरल बनाना आवश्यक है ताकि उनकी उत्पादकता और आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके।
पत्र में उन्होंने फसल बीमा क्लेम की प्रक्रिया को भी जटिल बताया और खाद सामग्री की उपलब्धता में पारदर्शिता न होने को बड़ी समस्या बताया। दिग्विजय सिंह ने सुझाव दिया कि सभी कृषि विभागों की समीक्षा कर नीति निर्माण में किसान प्रतिनिधियों और कृषि विशेषज्ञों की भागीदारी से एक बेहतर व्यवस्था बनाई जाए जो किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरल हो।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जल्द से जल्द ‘ईज ऑफ डूइंग फार्मिंग’ को लागू करने के निर्देश जारी किए जाएं जिससे प्रदेश के किसानों को उनके कृषि कार्यों में आसानी हो और वे आर्थिक संघर्ष से उबर सकें।
इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर दिग्विजय सिंह और मुख्यमंत्री मोहन यादव की मुलाकात हुई जिसमें उन्होंने किसानों विशेषकर गेहूँ खरीद प्रक्रिया में आ रही चुनौतियों पर चर्चा की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को किसानों की समस्याओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया है और उनसे समय पर समाधान की अपील की है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में अब तक 80 लाख मीट्रिक टन गेहूँ खरीद के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं और खरीद प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया जा रहा है।
मुलाकात के दौरान दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने गृह नगर राघौगढ़ में होने वाले धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। दोनों नेताओं की इस बैठक की पुष्टि उनके कार्यालय द्वारा की गई है लेकिन चर्चा का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया।
इस पहल से स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश में कृषि क्रांति और किसानों की बेहतरी के लिए सरकार व संगठन सक्रिय प्रयास कर रहे हैं। किसानों की समस्याओं को समझकर तुरंत समाधान दिलाना प्रदेश की कृषि प्रगति के लिए आवश्यक कदम है।

