रूस भारत को ऊर्जा आपूर्ति पर सभी समझौतों को पूरा करेगा: वित्त मंत्री लावरोव

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    रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे स्नेहपूर्ण संबंधों का पुनः समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ‘हिंदी-रूसी भाई-भाई’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है। यह बयान दोनों देशों के बीच दोस्ताना सम्बंधों की गहराई को दर्शाता है।

    लावरोव ने स्पष्ट किया कि रूस भारत के साथ अपने सभी ऊर्जा आपूर्ति संबंधी समझौतों को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पूरा करेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, दोनों देशों के आर्थिक एवं राजनीतिक रिश्ते मजबूत और स्थिर बने रहेंगे।

    उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत की आर्थिक वृद्धि में ऊर्जा की भूमिका प्रमुख है, और रूस की स्थिर आपूर्ति ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लावरोव ने इसे दो देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान का प्रतिबिंब बताया।

    विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि रूस भारत के विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं में सक्रिय रूप से शामिल है, जिनमें परमाणु ऊर्जा, तेल और गैस क्षेत्र शामिल हैं। इस साझेदारी से न सिर्फ भारत की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं, बल्कि दोनों देशों की तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति को भी बढ़ावा मिल रहा है।

    इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं और समान हितों के लिए मिलकर काम करते हैं। यह रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के लिए स्थिरता और विकास के नए अवसर लेकर आती है।

    लावरोव के इन बयानों से यह स्पष्ट होता है कि भारत और रूस के बीच की मित्रता केवल राजनीतिक या आर्थिक समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक और भावनात्मक स्तर पर भी गहरी जड़ी हुई है। दोनों देशों की सरकारें और जनता इस मित्रता को और मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

    भविष्य में भी इस संबंध के विस्तार की उम्मीद की जा रही है, जिससे दोनों राष्ट्रों को वैश्विक स्तर पर फायदा मिलेगा और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।

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