भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के अधोसंरचना विकास में हो रही तेज प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश अब एक नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘विकसित भारत’ की कल्पना को मध्य प्रदेश में सड़क, पुल, एक्सप्रेसवे और डिजिटल तकनीक के माध्यम से साकार किया जा रहा है। प्रदेश के लोक निर्माण विभाग ने ‘‘लोक निर्माण से लोक कल्याण’’ को अपना मूल मंत्र बनाकर विकास को सीधे जनता की सुविधा, आर्थिक प्रगति और सामाजिक समृद्धि से जोड़ा है।
सीएम मोहन यादव ने बताया कि अधोसंरचना की मजबूती किसी भी राष्ट्र की विकास यात्रा की रीढ़ होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में सड़क, रेलवे, लॉजिस्टिक नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का व्यापक कार्य συνεχि है। मध्य प्रदेश में भी सड़क संपर्क, शहरी यातायात व्यवस्था, औद्योगिक कनेक्टिविटी और ग्रामीण अधोसंरचना के क्षेत्र में अनूठे बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के सड़क नेटवर्क को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित बनाने के लिए सड़क श्रेणियों का पुनर्गठन किया है और रोड नेटवर्क रैशनलाइजेशन की प्रक्रिया प्रारंभ की है जिससे निर्माण और रखरखाव की प्राथमिकताएं स्पष्ट हुई हैं। विभाग ने जीआईएस आधारित ‘लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप’ विकसित किया है, जिससे 71 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों, लगभग 3 हजार भवनों और 1400 से अधिक पुलों का विस्तृत डिजिटल सर्वेक्षण संभव हुआ है। यह डिजिटल डेटा योजनाओं को और अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक समग्र रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसमें शहरों के बायपास, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी, जिला मुख्यालयों के बीच तीव्र संपर्क और यातायात दबाव न्यूनतम करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। छह नए ग्रीनफील्ड सड़क मार्गों की भी पहचान की गई है, जो औद्योगिक, कृषि और पर्यटन क्षेत्र को नई गति प्रदान करेंगे।
लक निर्माण विभाग ने जीआईएस आधारित बजट मॉड्यूल भी लागू किया है, जिससे हर सड़क प्रस्ताव डिजिटल नक्शे पर दर्ज होता है और योजना में दोहराव समाप्त हो गया है। इससे विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करना अधिक पारदर्शी और प्रभावशाली हो गया है।
सीएम ने बताया कि ‘‘लोकपथ 2.0’’ ऐप उन्नत स्वरूप में नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल गाइड की तरह कार्य कर रहा है। इसमें रूट प्लानर, टोल, अस्पताल, पेट्रोल पंप की जानकारी, एसओएस सुविधा और दुर्घटना संभावित स्थानों की चेतावनी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह ऐप ब्लैक स्पॉट से लगभग 500 मीटर पहले अलर्ट जारी करता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कम करने में मदद मिल रही है।
उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था की है। 875 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया, जिनमें से 25 ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट किया गया और कई मामलों में दंडात्मक कार्रवाई भी हुई। परियोजना प्रबंधन प्रणाली (पीएमएस 2.0) से योजना निर्माण से भुगतान तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से मॉनिटर की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण की भी बात कही और बताया कि सड़क निर्माण के दौरान खुदाई से बने गड्ढों को ‘‘लोक कल्याण सरोवर’’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। 506 सरोवर बने हैं और 600 नए विकसित करने का लक्ष्य है। सड़क किनारे भूजल रिचार्ज, फ्लाईओवर पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग तथा ग्रीन बिल्डिंग निर्माण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। शासकीय भवनों को ऊर्जा दक्ष, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ बनाने के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 77 हजार किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क विकसित हो चुका है। बीते दो वर्षों में 11,632 किलोमीटर सड़क निर्माण व मजबूतीकरण, 5,741 किलोमीटर नवीनीकरण और 190 पुल एवं फ्लाईओवर बनाए गए हैं। वर्तमान में 16,954 किलोमीटर सड़क और 531 पुल एवं फ्लाईओवर निर्माणाधीन हैं। इससे ग्रामीण और शहरी आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने पांच प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में रिंग रोड परियोजनाओं पर तेजी से काम चलने की जानकारी दी। छह प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की भी शुरुआत हो चुकी है जिससे विकास और कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलेगी। ये परियोजनाएं यात्रा समय घटाने एवं औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करेंगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के साथ लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के समझौते हुए हैं। इनमें से 28 हजार करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं और कई का निर्माण शुरू हो गया है। इससे मध्य प्रदेश देश के प्रमुख आर्थिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर से बेहतर जुड़ सकेगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विकासोन्मुखी सोच के अनुरूप मध्य प्रदेश का लोक निर्माण विभाग आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता, गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर प्रदेश में अधोसंरचना विकास की नई कहानी लिख रहा है। ‘‘लोक निर्माण से लोक कल्याण’’ की अवधारणा को केंद्र में रखकर प्रदेश में आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कार्य निरंतर जारी है जो मध्य प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का मजबूत आधार बनेगा।

