लखनऊ सिविल कोर्ट परिसर में जोरदार बुलडोजर कार्रवाई: 240 अवैध चैंबरों का ध्वस्तिकरण, वकीलों में भारी आक्रोश

Rashtrabaan

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जिला और सिविल कोर्ट के परिसर के बाहर रविवार को प्रशासन ने एक व्यापक अभियान चलाकर लगभग 240 अवैध चैंबरों, दुकानों और अतिक्रमणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस तैनाती की गई और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे। जैसे ही नगर निगम की जेसीबी मशीनें कार्रवाई के लिए पहुंचीं, बड़ी संख्या में वकील और दुकानदार इकट्ठा हो गए और उन्होंने इस कार्रवाई का जोरदार विरोध किया।

    वकीलों और दुकानदारों ने जताई तीखी नाराजगी

    कार्रवाई का विरोध करते हुए वकीलों और दुकानदारों ने प्रशासन पर आरोप लगाए कि उन्हें बिना पर्याप्त समय या वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान किए उनके चैंबर तोड़ दिए गए। इस दौरान पुलिस ने जब भीड़ को हटाने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की हो गई। वकीलों ने कहा कि कई अवैध चैंबरों के खिलाफ स्पष्ट आदेश नहीं थे, लेकिन प्रशासन ने समय से पहले और बिना समझौते के बुलडोजर चला दिया, जिससे कोर्ट परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई कार्रवाई

    यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद की गई। याचिकाकर्ता अनुराधा सिंह की शिकायत पर कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया था कि वे कोर्ट परिसर के आसपास व्याप्त अवैध निर्माणों को हटाएं। नगर निगम ने 12 मई को इन अवैध संरचनाओं पर लाल निशान लगाकर 16 मई तक उन्हें हटाने का समय दिया था। प्रशासन ने रविवार का दिन इसलिए चुना क्योंकि उस दिन अदालत बंद रहती है और भीड़ कम रहती है, जिससे कानून व्यवस्था बनाए रखना सरल हो सके।

    सुबह 9 बजे शुरू हुआ बुलडोजर अभियान

    सुबह 9 बजे जेसीबी मशीनों और पुलिस बल के साथ नगर निगम की टीम ने कोर्ट परिसर से लेकर आसपास के निबंधन कार्यालय तक सड़क, फुटपाथ और नालों पर बने अवैध अतिक्रमणों को हटाने का अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों ने अपना सामान बचाने की कोशिश की जबकि कुछ ने स्वयं अवैध निर्माण हटाए। प्रशासन ने बताया कि पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अधिकांश लोगों ने कब्जा हटाने का प्रयास नहीं किया।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया

    नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कोर्ट परिसर में बने अतिक्रमण से सड़कें संकरी हो गई थीं, जिससे आम लोगों, वकीलों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही थी। इस कारण सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से अवैध निर्माण हटाना आवश्यक था। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आगे भी शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए इसी प्रकार के अभियान चलते रहेंगे।

    कार्रवाई से उत्पन्न तनावपूर्ण माहौल

    वकीलों की भारी मौजूदगी और उनके विरोध के कारण पूरे इलाके में तनाव बना रहा। पुलिस ने स्थिति काबू में रखने के लिए सख्ती दिखाई और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर लगातार स्थिति पर नजर रखे रहे। वकीलों ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के चैंबरों को तोड़ना न्यायोचित नहीं है और अब वे अपने काम के लिए नया ठिकाना खोजने को मजबूर हैं।

    इस अभियान से यह स्पष्ट होता है कि कोर्ट परिसर के आसपास अवैध कब्जा और निर्माण पर नियंत्रण करने के लिए प्रशासन गंभीर है, लेकिन साथ ही संबंधित पक्षों की समस्याओं को भी ध्यान में रखना आवश्यक होगा ताकि भविष्य में तनाव की स्थिति न बने।

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